Oracle Layoff Company Employees: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी Oracle एक बार फिर चर्चा में है. वजह है कंपनी की बड़ी छंटनी. इस साल मार्च में हजारों कर्मचारियों को सुबह करीब 6 बजे ईमेल मिला, जिसमें बताया गया कि कंपनी ने उनकी भूमिका खत्म करने का फैसला किया है. एक साधारण ईमेल ने हजारों लोगों की जिंदगी बदल दी और टेक इंडस्ट्री में AI को लेकर चल रही बहस को और तेज कर दिया.
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, Oracle के कुल कर्मचारियों की संख्या में 13 फीसदी की गिरावट आई है. कंपनी में एक साल पहले 1.62 लाख कर्मचारी थे, जो अब घटकर करीब 1.41 लाख रह गए हैं. इसे Oracle के इतिहास की सबसे बड़ी वर्कफोर्स कटौती में से एक माना जा रहा है.
Oracle Layoff Company Employees: क्यों हुई इतनी बड़ी छंटनी?
Oracle का कहना है कि इसके पीछे कई वजहें हैं, जैसे कंपनी के प्रोडक्ट्स और मैनेजमेंट में बदलाव. कुछ कर्मचारियों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं होना. दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण (Acquisition). बिजनेस की नई रणनीति. सबसे बड़ी वजह AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता इस्तेमाल.
नौकरी जाने वालों को क्या मिलेगा?
अमेरिका में जिन कर्मचारियों की नौकरी गई, उन्हें मुआवजे (Severance Package) के तौर पर पहले साल के लिए 4 हफ्ते की बेसिक सैलरी दी गई. इसके बाद जितने साल उन्होंने काम किया, हर साल के बदले 1 हफ्ते की अतिरिक्त सैलरी दी जाएगी. हालांकि यह अधिकतम 26 हफ्तों तक ही मिलेगी.
दूसरी बड़ी टेक कंपनियों की तुलना में Oracle का पैकेज काफी छोटा माना जा रहा है. Meta और Block जैसी कंपनियों ने इससे ज्यादा सैलरी और हेल्थ इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं दी थीं.
N+2 फॉर्मूले से मिलेगा मुआवजा
भारत में कर्मचारियों को आमतौर पर N+2 फॉर्मूला के तहत मुआवजा मिलने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि अगर किसी कर्मचारी ने 5 साल काम किया है, तो उसे लगभग 7 महीने की सैलरी के बराबर भुगतान मिल सकता है. हालांकि जिन कर्मचारियों के शेयर (RSUs) पूरी तरह वेस्ट नहीं हुए थे, वे उन्हें खो देंगे.
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