10 साल में 94 हजार सरकारी स्कूल घटे, NITI आयोग ने खोली शिक्षा व्यवस्था की पोल

NITI Aayog Report on Govt Schools: पिछले 10 सालों में करीब 94 हजार सरकारी स्कूल कम हुए हैं. क्लास 9 और 10 तक पहुंचते-पहुंचते तक 11.5% स्टूडेंट्स स्कूल छोड़ रहे हैं. प्राइवेट स्कूल की संख्या में इजाफा हुआ है. देखें स्कूल लेवल एजुकेशन को लेकर इस रिपोर्ट में और क्या-क्या कहा गया है.

NITI Aayog Report on Govt Schools: नीति आयोग (NITI Aayog) की 2026 की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 सालों में करीब 94 हजार सरकारी स्कूल कम हुए हैं. इस रिपोर्ट ने सरकारी स्कूलों और शिक्षा व्यवस्था की कई सारी कमियों को गिनाया है. आयोग (NITI Aayog) ने अपनी रिपोर्ट 'School Education in India: A Temporal Analysis' में देश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने रखे हैं.

रिपोर्ट की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध विचार "If the poor boy cannot come to education, education must go to him" से की गई है. इसके जरिए आयोग ने इस बात पर जोर दिया है कि शिक्षा हर बच्चे तक पहुंचनी चाहिए, चाहे उसकी सामाजिक या आर्थिक स्थिति कैसी भी हो.

सरकारी स्कूलों की संख्या लगातार घटी है


रिपोर्ट के अनसुार, पिछले 10 सालों में भारत के हर दिन 25 (एवरेज डाटा) स्कूल बंद हुए हैं. बंद होने वाले स्कूलों में सबसे ज्यादा सरकारी स्कूल (Government School) हैं. पिछले 10 वर्षों में देश में सरकारी स्कूलों की संख्या 11.07 लाख से घटकर 10.13 लाख रह गई है. इसकी मुख्य वजह राज्यों द्वारा स्कूलों का एकीकरण (Consolidation) और तर्कसंगत पुनर्गठन (Rationalisation) है.

प्राइवेट स्कूलों की संख्या बढ़ी है

एक तरफ सरकारी स्कूलों की संख्या घटी है तो दूसरी ओर प्राइवेट स्कूलों की संख्या में इजाफा हुआ है. वर्ष 2014-15 में इनकी संख्या 2.88 लाख (19%) थी, जो 2024-25 में बढ़कर 3.39 लाख (23%) हो गई. साफ है कि 10 सालों में प्राइवेट (निजी) स्कूलों की संख्या 2.88 लाख से बढ़कर 3.39 लाख हो गई है. स्टूडेंट्स सरकारी स्कूल को छोड़कर प्राइवेट की तरफ जा रहे हैं. सरकारी सहायता प्राप्त (Government-Aided) स्कूलों की हिस्सेदारी लगभग स्थिर रही है और यह 5.5% से घटकर 5.4% पर पहुंच गई है.

प्रबंधन का प्रकार (Management Type)2014-15 (लाख में)2024-25 (लाख में)
सरकारी स्कूल (Government)11.07 (73%)10.13 (68.9%)
सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल (Government Aided)0.83 (5.5%)0.79 (5.4%)
निजी अनुदानरहित मान्यता प्राप्त स्कूल (Private Unaided Recognised)2.88 (19%)3.39 (23%)
अन्य (मदरसे आदि सहित) [Others]0.38 (2.5%)0.39 (2.7%)
कुल (Total)15.1614.71


हर साल 11.5% छात्र छोड़ रहे हैं स्कूल


रिपोर्ट में छात्रों के प्राथमिक शिक्षा के बाद स्कूल छोड़ने के ट्रेंड को लेकर भी चिंता जताई गई है. जारी आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) में ड्रॉपआउट रेट सिर्फ 0.3% है. हालांकि, अपर प्राइमरी (कक्षा 6 से 8) में यह बढ़कर 3.5% हो जाती है. सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि माध्यमिक स्तर (कक्षा 9 और 10) में पहुंचते-पहुंचते ड्रॉपआउट रेट 11.5% तक पहुंच जाती है.


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Published by: Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.
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