NEET UG 2026 में इस साल 23 लाख से ज्यादा कैंडिडेट्स ने हिस्सा लिया था. इनमें से 11.21 लाख कैंडिडेट्स पास हुए हैं. इन कैंडिडेट्स को अब काउंसलिंग राउंड में शामिल होना होगा. नीट यूजी के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होने से पहले कैंडिडेट्स जिन्हें लगता है कि उनके नंबर बढ़ सकते हैं उन्हें OMR Scrutiny का मौका मिलता है. अगर आपके मन में भी यही सवाल है कि स्क्रूटनी के बाद नंबर बढ़ता है या नहीं तो आइए पूरा प्रोसेस आसान भाषा में समझते हैं.
OMR Scrutiny आखिर होती क्या है?
सबसे पहले यह समझ लीजिए कि OMR Scrutiny का मतलब कॉपी दोबारा जांचना नहीं होता. इसमें यह देखा जाता है कि आपकी OMR शीट सही तरीके से स्कैन हुई या नहीं और जो आपने गोला (Bubble) भरा था, वही सिस्टम ने पढ़ा या नहीं.
अगर स्कैनिंग या रिकॉर्ड में कोई तकनीकी गड़बड़ी मिलती है, तो उसे ठीक किया जा सकता है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर छात्र के नंबर बढ़ जाएंगे.
OMR Sheet स्कैनिंग का तरीका
अगर जांच के दौरान यह साबित हो जाए कि OMR शीट को पढ़ने में तकनीकी गलती हुई थी या आपके सही भरे गए उत्तर रिकॉर्ड नहीं हुए, तभी अंक बदल सकते हैं. अगर आपने गलत उत्तर भरा है, दो गोले भर दिए हैं या गोला अधूरा भरा है, तो स्क्रूटनी के बाद भी नंबर नहीं बढ़ेंगे.
किन छात्रों को OMR Scrutiny करानी चाहिए?
हर छात्र को स्क्रूटनी कराने की जरूरत नहीं होती. अगर आपको लगता है कि आपकी OMR शीट और Answer Key के हिसाब से नंबर कम आए हैं, तभी आवेदन करना समझदारी होगी.
इन छात्रों को जरूर विचार करना चाहिए.
- जिनके अंक अनुमान से काफी कम आए हैं.
- जिन्होंने OMR और Answer Key खुद मिलाई है.
- जिन्हें स्कैनिंग या रिकॉर्डिंग में गलती का शक है.
- जिनका मेडिकल कॉलेज कुछ अंकों से छूट रहा है.
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