Independence Day 2024: आजादी के बाद बदल गया भारत का शिक्षा जगत, जानें कितने हुए बदलाव

Independence Day 2024: आजादी के 78 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, इस अवसर पर 15 अगस्त को मनाने की जोरों की तैयारी चल रही है. आज हम आपको यहां बताने वाले हैं आजादी के बाद शिक्षा जगत में क्या क्या बदलाव हुए.

Independence Day 2024: आने वाले 15 अगस्त को आजादी के 78 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, और देश स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व को मनाने में जुटता नजर आ रहा है. इस दिन हर भारतवासी के साथ साथ स्कूली बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक देखने को मिलती है, इसका कारण है कि उन्हें स्कूल में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग होने का मौका मिलता है, भले ही वो किसी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करवाएं, पर स्कूल में आयोजित आजादी के जश्न को वो देखने जरुर जाते हैं, जिसमें ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम इत्यादी होते हैं. बच्चे इस दिन इसलिए भी उत्साहित होते हैं क्योंकि उन्हें आजादी कैसे मिली इसके बारे में खास उत्सुकता होती है. स्वतंत्रता के बाद हमारे भारत के शिक्षा के क्षेत्र में क्या बदलाव आया है, ये भी जानना जरुरी है. आज हम आपको यहां बताएं

एजुकेशन फॉर ऑल का नारा दिया गया

आपको बता दें आजादी के बाद एजुकेशन फॉर ऑल का नारा दिया गया था. इसके लिए शिक्षा विभाग की स्थापना हुई, बाद में इसे मानव संसाधन मंत्रालय में बदल दिया गय. साथ ही हर राज्य में शिक्षा विभाग की स्थापित कर शिक्षा के क्षेत्र की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने की कोशिश की गई.

एनसीईआरटी की स्‍थापना

शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान देने के उद्देश्य से साल 1961 में एनसीईआरटी को स्थापित किया गया. इसके बाद साल 1968 में कोठारी शिक्षा आयोग की सिफारिशों के अनुसरण में प्रथम राष्ट्रीय शिक्षा नीति अपनाई गई और 1975 में 6 वर्ष तक के बच्चों के उचित विकास के लिए समेकित बाल विकास सेवा योजना की शुरुआत हुई. इसके बाद इस क्षेत्र में कई काम करने की आवश्यता थी इसलिए 1986 नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया गया जिसे 1992 में आचार्य राममूर्ति समिति द्वारा समीक्षा के आधार पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति में कुछ बदलाव किए गए.

सर्व शिक्षा अभियान की स्थापना

नवंबर 2000 से केंद्र सरकार द्वारा ‘सर्व शिक्षा अभियान’ की शुरुआत हुई. इस अभियान में 6 से 14 वर्ष तक के सभी बच्चों को प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था. 2009 में तो ‘शिक्षा का अधिकार’ देकर इसे मौलिक अधिकार ही बना दिया गया, जिससे हर बच्चे को पढ़ने का हक मिला.

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मध्याह्न भोजन की व्यवस्था की गई

देश के नौनिहालों को शिक्षित करने के लिए हर गांव में आँगनवाड़ी की स्थापना हुई. यहां पर शिक्षा के साथ संतुलित भोजन भी दिया जाने लगा. गांव के सरकारी स्कूलों के बच्चों को सरकार द्वारा मध्याह्न भोजन की व्यवस्था करवाई गई.

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में हुई इन संस्थानों कि स्थापना

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी कई बदलाव हुए, संस्थानों कि स्थापना कि गई. भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) कॉलेजों की स्थापना हुई. इसके साथ ही कई कॉलेजों में सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू हुई. आजादी के बाद ही 6 भारतीय प्रबंध संस्थान व 9 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान को स्थापित किय गया.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति

2020 में एक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लाई गई है और अब मानव संसाधन और विकास मंत्राल का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है. इस नीति के तहत स्कूलों में क्षेत्रीय भाषाओं में पढ़ाई पर फोकस रहने के साथ 5+3+3+4 मॉडल को अपनाया गया है.

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Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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