World Happiness Report 2026: क्या आप जानते हैं दुनिया का वह कौन सा देश है जहां न आर्थिक तंगी है और न भ्रष्टाचार? संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट में फिनलैंड ने लगातार 9वीं बार ‘दुनिया के सबसे खुशहाल देश’ का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है. जहां एक तरफ फिनलैंड की बादशाहत बरकरार है, वहीं भारत की रैंकिंग अब भी चिंता का विषय बनी हुई है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह खबर काम की है. आज जानेंगे कि क्यों फिनलैंड सबसे खुशहाल देश है और इस लिस्ट में भारत कितने पोजिशन पर है.
क्यों है फिनलैंड सबसे खुश देश?
आइए जानते हैं कि फिनलैंड को क्यों सबसे खुशहाल देश बताया गया. भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और शिक्षा में इस देश की क्या स्थिति है?
इस देश में नहीं है भ्रष्टाचार
इस देश में क्राइम नहीं है और यहां भ्रष्टाचार भी नहीं है. वर्ष 2015 में यहां मर्डर रेट एक लाख की आबादी पर केवल 1.28 फीसदी है. यहां की पुलिस और इंटरनेट सुरक्षा को दुनिया में दूसरे नंबर पर माना जाता है. कानून का पालन सख्ती से होता है.
आर्थिक सुरक्षा
इस देश के हर सिटिजन को आर्थिक सुरक्षा मिली हुई है. यहां के लोगों की कमाई कम है लेकिन उन्हें कई तरह के भत्ते और अधिकार मिले हुए हैं. यहां की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है. फिनलैंड के बैंक दुनिया में सबसे दमदार माने जाते हैं. हालांकि यहां की जीडीपी कम है. ये दुनिया का अकेला देश होगा, जहां कोई बेघर नहीं है.
पॉप्यूलेशन कम है
इस देश की कुल आबादी 55 लाख है. यहां प्रति वर्ग किलोमीटर में लगभग 18 आदमी रहते हैं जो यूरोपियन यूनियन में सबसे कम हैं.
मौसम अच्छा है
यहां 4 अलग-अलग मौसम होते हैं, लेकिन ज्यादातर ठंड रहती है. मौसम सुहाना और मनमोहक रहता है. ऐसे में रहने के लिहाज से ये देश काफी अच्छा है. शुद्ध हवा के मामले में ये तीसरे नंबर का देश है. वर्ल्ड हेल्थ आर्गनाइजेशन की रिपोर्ट में ये बात कही गई है. वहीं पानी के मामले में दुनिया में बेहतरीन स्थिति में है.यहां कुल 1,87,888 झीलें हैं जिसके कारण इसे झीलों का देश भी कहते हैं. साथ ही काफी बडी मात्रा में जंगल हैं.
रिसर्च और ट्रेनिंग पर खर्च
इस देश में रिसर्च और ट्रेनिंग जैसे कामों के लिए खर्च किया जाता है. ऐसा माना जाता है कि यह देश रिसर्च और ट्रेनिंग पर भारी खर्च करने के कारण फिनलैंड विश्व का सबसे ज्यादा योग्य प्रतिभाएं को तैयार करने वाला देश बन चुका है.
एजुकेशन सिस्टम
यहां की शिक्षा व्यवस्था की मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती है. ग्लोबल कंपटीटीव रिपोर्ट के अनुसार, एजुकेशन में ये दुनिया में सबसे उम्दा है. जबकि उच्च शिक्षा का स्तर दुनिया में तीसरे नंबर का है. ये दुनिया के सबसे साक्षर देशों में भी है. यूरोप में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा लोग यहां की लाइब्रेरियों का इस्तेमाल करते हैं.
बिजनेस के मामले में भी आगे है
बिजनेस करने के मामले में ये यूरोप का तीसरे नंबर का बेहतरीन देश है. यहां बिजनेस ग्रोथ का माहौल में यूरोप में तीसरे नंबर पर बेस्ट है. ग्लोबल क्लीनटेक इनोवेशन इंडैक्स कहता है कि क्लीन टेक्नोलजी का यूज करने में ये दुनिया का दूसरे नंबर का बेहतरीन देश है.
खुशहाल देश कहलाने के लिए कौन-कौन से कारक जरूरी हैं?
संयुक्त राष्ट्र संघ की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 के अनुसार, नीचे बताए गए फैक्टर्स पर किसी देश को खुशहाल घोषित करता है-
- प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (GDP per Capita)
- सामाजिक समर्थन (Social Support)
- स्वस्थ जीवन प्रत्याशा (Healthy Life Expectancy)
- जीवन में विकल्प चुनने की स्वतंत्रता (Freedom to Make Life Choices)
- उदारता (Generosity)
- भ्रष्टाचार की धारणा (Perception of Corruption)
भारत किस स्थान पर है?
संयुक्त राष्ट्र ने टोटल 147 देशों के आधार पर विश्व खुशहाली रिपोर्ट जारी की है. इसमें भारत का स्थान 116वां है. वहीं सबसे दुखी देश अफगानिस्तान है. रिपोर्ट के मुताबिक इस लिस्ट में अफगानिस्तान को 147वां स्थान मिला है.
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