World Environment Day 2026: हर साल 5 जून को दुनिया भर के करोड़ों लोग मिलकर ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (World Environment Day) मनाते हैं. इस खास दिन की शुरुआत संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा साल 1973 में की गई थी. आज यह पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने वाला दुनिया का सबसे बड़ा मंच बन चुका है. आइए जानते हैं कि इस साल वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे (World Environment Day 2026) क्यों खास है और क्या थीम रखी गई है.
क्यों मनाया जाता है वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे?
साल 1972 में संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा स्वीडन के स्टॉकहोम में दुनिया का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया था. यह ऐतिहासिक सम्मेलन 5 जून को शुरू हुआ था, जिसमें पर्यावरण की सुरक्षा के लिए वैश्विक नीतियां बनीं.
इसी शुरुआत की याद में हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है. उसके बाद साल 1973 में पर्यावरण से जुड़े मामलों को संभालने के लिए UNEP संस्था बनाई गई. फिर 1974 में पहली बार “सिर्फ एक पृथ्वी” (Only One Earth) थीम के साथ यह दिन मनाया गया.
World Environment Day 2026: इस बार क्या है खास?
हर साल इस दिन को मनाने के लिए एक अलग थीम और एक होस्ट कन्ट्री चुना जाता है. इस साल यानी 2026 (World Environment Day 2026) की थीम और स्लोगन हैं:
- डेट: शुक्रवार, 5 जून 2026
- थीम: प्रकृति से प्रेरित होकर- ”जलवायु के लिए. हमारे भविष्य के लिए” (Inspired by Nature – For Climate. For Our Future)
- ग्लोबल स्लोगन: #NowForClimate (अब जलवायु के लिए कदम उठाएं)
- होस्ट देश: इस बार इसकी होस्टिंग ‘बाकू, अजरबैजान’ (Baku, Republic of Azerbaijan) को सौंपी गई है.
पर्यावरण से जुड़े फैक्ट्स
- मिट्टी की ताकत: धरती की 59% से ज्यादा प्रजातियां मिट्टी में रहती हैं. लेकिन हर 5 सेकंड में मिट्टी खराब हो जाती है, जबकि 3 सेंटीमीटर उपजाऊ मिट्टी बनने में प्रकृति को 1,000 साल लग जाते हैं.
- अफ्रीका की ‘ग्रेट ग्रीन वॉल’: अफ्रीका के 22 देश मिलकर महाद्वीप की पूरी चौड़ाई में 8,000 किलोमीटर लंबी पेड़ों की एक दीवार बना रहे हैं, ताकि रेगिस्तान को बढ़ने से रोका जा सके.
- कड़े कानून: दुनिया के 30 से ज्यादा देशों में सिंगल-यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह बैन है.
भारत की बड़ी तैयारी और नीतियां
- मिशन LiFE: भारत सरकार ने ‘लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट’ आंदोलन शुरू किया है, जो आम लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में पानी बचाने और प्लास्टिक कम करने जैसी अच्छी आदतें सिखाता है.
- रिन्यूएबल एनर्जी: भारत का लक्ष्य 2030 तक 500 गीगावाट (GW) साफ बिजली (जैसे सोलर और विंड एनर्जी) पैदा करना है. इसके लिए दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क ‘भड़ला सोलर पार्क’ भारत में काम कर रहा है.
- E20 फ्यूल: प्रदूषण कम करने के लिए भारत के हजारों पेट्रोल पंपों पर अब 20% इथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल (E20) मिलने लगा है.
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