सिर्फ BTech होल्डर्स के लिए नहीं है GATE Exam, BA, BCom वालों की भी इंट्री

GATE 2026 Exam New Rules: इंजीनियरिंग में मास्टर्स कोर्स करने के लिए GATE परीक्षा में शामिल होना जरूरी होता है. इस एग्जाम के लिए नया नियम जारी हुआ है. अब ह्यमैनिटी और कॉमर्स से ग्रेजुएट भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं.

GATE 2026 Exam New Rules: अगर आप भी अभी तक यही सोचते थे कि GATE एग्जाम सिर्फ BTech या इंजीनियरिंग बैकग्राउंड वाले स्टूडेंट्स के लिए है, तो यह खबर आपके लिए ही है. Graduate Aptitude Test in Engineering यानी GATE अब सिर्फ इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी के स्टूडेंट्स तक सीमित नहीं रहा. इसमें अब एक ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज का पेपर भी शामिल कर दिया गया है, जिसे XH पेपर कहा जाता है.

इसका सीधा फायदा उन स्टूडेंट्स को मिलेगा जो नॉन-टेक्निकल बैकग्राउंड से आते हैं और आगे पढ़ाई या रिसर्च करना चाहते हैं. इस पेपर के जरिए वे IIT जैसे बड़े संस्थानों में पोस्टग्रेजुएट कोर्स और रिसर्च के मौके पा सकते हैं.

GATE Exam में क्या-क्या सब्जेक्ट्स होते हैं?

IIT गुवाहाटी की तरफ से पिछले साल जारी किए गए GATE सिलेबस और पेपर डिटेल्स के मुताबिक, XH पेपर में एक कंपल्सरी सेक्शन होता है जिसका नाम है रीजनिंग एंड कॉम्प्रिहेंशन. इसके अलावा स्टूडेंट्स को ऑप्शनल सब्जेक्ट्स भी चुनने का मौका मिलता है, जिनमें इकोनॉमिक्स, इंग्लिश, लिंग्विस्टिक्स, फिलॉसफी, साइकोलॉजी और सोशियोलॉजी जैसे विषय शामिल हैं.

कैंडिडेट्स चाहें तो एक पेपर दे सकते हैं या फिर दो पेपर्स तक में भी अपीयर हो सकते हैं. हर पेपर 100 नंबर का होता है, यह जानकारी ऑफिशियल रिकॉर्ड में दर्ज है.

किस तरह GATE टेस्ट होती है?

यह ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज वाला पेपर सिर्फ सब्जेक्ट नॉलेज ही नहीं, बल्कि एनालिटिकल और कॉम्प्रिहेंशन स्किल्स को भी परखने के लिए बनाया गया है. ऑफिशियल सिलेबस में यह भी बताया गया है कि कंपल्सरी सेक्शन में यह देखा जाता है कि कैंडिडेट लिखी हुई जानकारी को कितनी अच्छी तरह समझ और इंटरप्रेट कर पाता है. यह स्किल ह्यूमैनिटीज और सोशल साइंसेज में रिसर्च करने के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है.

रिसर्च के लिए खुलेंगे नए रास्ते

ह्यूमैनिटीज बैकग्राउंड से आने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह पेपर हायर एजुकेशन, रिसर्च और इंटरडिसिप्लिनरी एकेडमिक ऑपर्च्यूनिटीज का एक अच्छा जरिया बन सकता है. ध्यान रहे, GATE का स्कोरकार्ड तीन साल तक वैलिड रहता है. ऑफिशियल डेटा के मुताबिक, वैलिड GATE स्कोर के जरिए इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी, आर्किटेक्चर, साइंस या ह्यूमैनिटीज में मास्टर्स प्रोग्राम और डायरेक्ट डॉक्टोरल प्रोग्राम में एडमिशन लिया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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