NEET UG री-एग्जाम में ट्रांसपोर्टेशन पर खास फोकस, छात्रों को नहीं होगी भागदौड़

NEET UG Re Exam 2026: नीट यूजी री-एग्जाम को लेकर केंद्र सरकार अब पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रही है. पिछली परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद इस बार सुरक्षा से लेकर छात्रों की सुविधा तक हर चीज पर खास ध्यान दिया जा रहा है. इसी को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक हाई लेवल बैठक की.

NEET UG Re Exam 2026: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की हाई लेवल रिव्यू मीटिंग में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो. खासकर ट्रांसपोर्टेशन और बेसिक सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं.

परीक्षा केंद्र तक पहुंचना होगा आसान

हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा देने दूसरे शहरों तक जाते हैं. कई बार दूरदराज के इलाकों से आने वाले छात्रों को बस, ट्रेन और लोकल ट्रांसपोर्ट की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इस बार सरकार चाहती है कि परीक्षा के दिन छात्रों को सिर्फ एग्जाम पर फोकस करना पड़े, सफर की टेंशन पर नहीं.

सुरक्षा के साथ सुविधा भी

बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा कि इस बार परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी होनी चाहिए. किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ सुरक्षा बढ़ाना ही काफी नहीं है. छात्रों के लिए पीने का पानी, बैठने की व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों पर जरूरी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी.

DM और SP को दिए गए खास निर्देश

री-NEET परीक्षा को लेकर सभी राज्यों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) के साथ समन्वय बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं. इन बैठकों में परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट, ट्रैफिक कंट्रोल और निगरानी व्यवस्था पर चर्चा होगी. प्रशासन को कहा गया है कि परीक्षा के दिन किसी भी तरह की अफरा-तफरी नहीं होनी चाहिए.

पिछले दिनों NEET परीक्षा को लेकर देशभर में काफी विवाद देखने को मिला था. पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठने के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी थी. अब सरकार कोशिश कर रही है कि री-एग्जाम में ऐसी कोई स्थिति दोबारा पैदा न हो. यही वजह है कि हर छोटी-बड़ी व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है.

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Published by: Ravi Mallick

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