CBSE OSM Portal: कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर ऐसे कई पोस्ट सामने आए जहां एक यूजर ने दावा किया कि उसने CBSE का OSM पोर्टल हैक कर लिया है.X पर उसने बताया कि फरवरी में वह पोर्टल हैक करने में सफल हो गया था और उसने कमजोरियों की सूचना पहले ही दे दी थी. अब इस मामले में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साफ कर दिया है कि उसका ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल (CBSE OSM Portal) हैक नहीं हुआ है.पोर्टल में कोई सुरक्षा भेद नहीं पाया गया है.
मंगलवार को बोर्ड ने बताया कि जिस पोर्टल की बात यूजर कर रहा था वह असली नहीं बल्कि डमी पोर्टल था. बोर्ड ने आधिकारिक बयान में कहा कि इवैल्यूएशन के लिए इस्तेमाल होने वाला पोर्टल उससे अलग है.उस पोर्टल में न तो कोई सुरक्षा भेद हुआ है और न ही सोशल मीडिया पोस्ट में बताई गई कमजोरियां हैं.
बोर्ड ने बताया कि जिस URL को पोस्ट में फ्लैग किया गया वह सिर्फ टेस्टिंग साइट थी. इसमें सैंपल डेटा था जो आंतरिक टेस्टिंग और समीक्षा के लिए इस्तेमाल होता है. इसमें असली इवैल्यूएशन डेटा या नंबर नहीं थे. बोर्ड ने जोर देकर कहा कि इवैल्यूएशन के लिए इस्तेमाल होने वाले पोर्टल में कोई सुरक्षा भेद नहीं पाया गया है.
CBSE ने शेयर की पोस्ट
बोर्ड ने दोहराया कि OSM सिस्टम चेकिंग सिस्टम में ज्यादा पारदर्शिता लाने के लिए शुरू किया गया था. इसमें बच्चों के प्रॉब्लम को सॉल्व करने की मजबूत व्यवस्था भी बनाई गई है. बोर्ड ने पहले भी कहा था कि इस पोर्टल पर खुलने के बाद परेशानी आ रही थी और छात्रों ने पोर्टल में अतिरिक्त या कम पैसे कटने जैसी समस्याएं भी बताई थीं.
CBSE OSM Portal पर रीचेकिंग का मौका
बोर्ड ने मंगलवार को बताया कि स्कैन की गई आंसर शीट की 4.04 लाख आवेदन मिले हैं. यह पिछले साल की 1.31 लाख आवेदनों से तीन गुना ज्यादा है. छात्रों ने कुल 11.32 लाख आंसर शीट मांगी हैं. इनमें से 8.98 लाख कॉपियां अब तक भेज दी गई हैं. बाकी बुधवार तक पहुंचा दी जाएंगी. CBSE ने कहा कि आंसर शीट से जुड़ी समस्याओं की सही संख्या और प्रकार तभी पता चलेगा जब री इवैल्यूएशन पोर्टल खुल जाएगा.
शिक्षा मंत्री ने बैंकों के साथ बैठक की
इसी बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को चार सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के साथ बैठक की. ये बैंक CBSE के पोस्ट रिजल्ट पेमेंट गेटवे को बेहतर बना रहे हैं. इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक और इंडियन बैंक शामिल हैं.बैकों को CBSE के साथ मिलकर काम करने को कहा गया है. इसमें तकनीकी सुरक्षा, रीयल टाइम मॉनिटरिंग करनी है.बैंक अतिरिक्त या गलत भुगतान के लिए ऑटोमैटिक रिफंड भी सुनिश्चित करेंगे.
दूसरी ओर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली स्थायी समिति, शिक्षा पर 2 जून को बैठक करेगी. इसमें ऑन स्क्रीन मार्किंग,परीक्षाओं और छात्रों की समस्याओं पर चर्चा होगी.साथ ही CBSE के इस महीने दिए गए निर्देश पर भी बात होगी जिसमे ये कहा गया था कि कक्षा 9 से तीसरी भाषा अनिवार्य होगी.इस बैठक के लिए समिति ने CBSE चेयरमैन और शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा सचिव को बुलाया है.
यह पूरा मामला दिखाता है कि CBSE अपनी जांच प्रक्रिया को और मजबूत बनाने की कोशिश कर रहा है. छात्रों की बढ़ती शिकायतों और सोशल मीडिया पर चर्चाओं के बीच बोर्ड पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दे रहा है.
यह भी पढ़ें: कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से करें MBA, मिलेगी 51 लाख रुपये की बड़ी स्कॉलरशिप
