Bihar Board Marksheet Drop Fail Word: बिहार में स्कूल एजुकेशन सिस्टम में सुधार लाने की तैयारी चल रही है. सरकार का फोकस छात्रों को स्कूली शिक्षा के अलावा, स्किल ट्रेनिंग, बेहतर माहौल और क्रिएटिव एक्टिविटी से जोड़ने पर है. साथ ही उनके मेंटल हेल्थ सरकार ध्यान दे रही है. इसी कड़ी में मैट्रिक और इंटर की मार्कशीट से ‘फेल’ शब्द हटाने और सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए विशेष कक्षाएं शुरू करने जैसी पहल सामने आ रही है.
बिहार बोर्ड मार्कशीट पर नहीं लिखा जाएगा ‘फेल’
बिहार सरकार ने मैट्रिक और इंटर की परीक्षा में असफल रहने वाले छात्रों की मार्कशीट से ‘फेल’ शब्द हटाने का फैसला किया है. इसकी जगह छात्रों को ‘स्किल ट्रेनिंग के लिए पात्र’ के रूप में दर्ज किया जाएगा. इसके लिए मौजूदा नियमों में बदलाव किए जाएंगे. BSEB को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए जाएंगे.
इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा में जरूरी मार्क्स न हासिल कर पाने वाले स्टूडेंट्स पर सोशल प्रेशर कम करना है. सरकार ऐसे छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ स्किल ग्रोथ पर भी काम करेगी. इसके लिए BBOSE के माध्यम से स्किल आधारित ट्रेनिंग का ऑप्शन दिया जाएगा.
सप्लीमेंट्री छात्रों के लिए एक महीने की विशेष कक्षाएं
मैट्रिक की सप्लीमेंट्री परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने एक महीने की विशेष कक्षाएं चलाने का फैसला किया है. इन कक्षाओं में छात्रों को परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी, ताकि वे अपने परफॉर्मेंस और रिजल्ट में सुधार कर सकें.
शनिवार को होगा ‘नो-बैग डे’
बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ छात्रों को क्रिएटिव एक्टिविटी से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है. इसके तहत हर शनिवार ‘नो-बैग डे’ मनाया जा रहा है. इस दिन छात्रों को थिएटर, संगीत और अन्य क्रिएटिव एक्टिविटी में शामिल किया जाता है.
कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए Vidya Saathi App
कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों की पढ़ाई में मदद के लिए Vidya Saathi App शुरू किया गया है. इसके जरिए छात्रों को शैक्षणिक सहायता के लिए शिक्षकों से जोड़े जाने की योजना है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस पहल से करीब 75,000 शिक्षकों के जुड़ने की उम्मीद है.
शिक्षकों के लिए Teacher Support Portal
छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों के लिए भी नई पहल की जा रही है. 5 सितंबर को Teacher Support Portal लॉन्च करने की योजना है. इसके तहत प्रत्येक जिले से एक शिक्षक को सम्मानित किए जाने की योजना भी बताई गई है.
शिक्षा व्यवस्था में बदलाव का फोकस
बिहार की नई शिक्षा पहलों में परीक्षा के नतीजों के साथ-साथ छात्रों के कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों और अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता पर जोर दिखाई दे रहा है. वहीं, शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से छात्रों की मदद करने और उनके योगदान को पहचान देने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं.
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