CET Exam: लड़कियों से हिजाब के बाद उतरवाया लड़कों का जनेऊ, छात्र ने छोड़ी परीक्षा

CET Exam: कर्नाटक में एग्जाम सेंटर पर ड्रेसकोड को लेकर एक और विवाद सामने आया है. कर्नाटक सीईटी परीक्षा में दो छात्रों के जनेऊ उतरवाने का मामला अब तूल पकड़ रहा है. इसके विरोध में ब्राह्मण महासभा ने इस संबंध में संबंधित डीसी को लिखित शिकायत दी है और जांच कराने की मांग की है.

CET Exam Karnataka: कर्नाटक में हिजाब विवाद के बाद अब जनेऊ उतरवाने को लेकर नया मामला देखने को मिला है. कर्नाटक के शिवमोग्गा और बीदर जिलों के CET परीक्षा केंद्रों पर कुछ छात्रों को परीक्षा में प्रवेश से पहले उनके जनेऊ और रुद्राक्ष माला को हटाने के लिए कहा गया. इस घटना के सामने आने के बाद, ऑल कर्नाटक ब्राह्मण महासभा सहित कई संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है. शिक्षा मंत्री ने कहा है कि यदि छात्रों को उनके धार्मिक प्रतीकों को हटाने के लिए मजबूर किया गया है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

CET Exam Karnataka: क्या है पूरा मामला?

कर्नाटक परीक्षा प्राधिकरण की ओर से इंजीनियरिंग कोर्स में दाखिले के लिए KCET 2025 (Karnataka CET Exam in Hindi) परीक्षा का आयोजन 16 और 17 अप्रैल को दो शिफ्ट में किया गया था. प्राधिकरण ने 15 अप्रैल, 2025 को एक ही सत्र में कन्नड़ भाषा की परीक्षा आयोजित की थी. एग्जाम का आयोजन कर्नाटक भर में 775 केंद्रों पर ऑफलाइन मोड में किया गया था.

इस परीक्षा में एग्जाम सेंटर के बाहर चेकिंग के दौरान साईं स्फूर्ति कॉलेज में परीक्षा केंद्र की स्क्रीनिंग कमेटी ने कथित तौर पर उससे परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने से पहले जनेऊ उतारने को कहा. लड़के ने स्टाफ से गुहार लगाई कि उसे केंद्र में जाने दिया जाए, क्योंकि जनेऊ पहनने से उसके किसी कदाचार में शामिल होने की गुंजाइश नहीं है

ऑल कर्नाटक ब्राह्मण महासभा सहित कई संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. ब्राह्मण समुदाय ने भी शिवमोग्गा डीसी से शिकायत की और लिखा, “यह बहुत निंदनीय है कि केंद्र के अधिकारियों द्वारा ऐसा अपमानजनक कृत्य किया गया.

Karnataka Hijab Case: हिजाब पर हुआ था बवाल

दिसंबर 2021 में कर्नाटक के उडुपी जिले के एक सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में कुछ मुस्लिम छात्राओं को कक्षा में हिजाब पहनने से रोका गया. कॉलेज प्रशासन ने ड्रेस कोड का हवाला देते हुए हिजाब पर प्रतिबंध लगाया, जिससे राज्यभर में विरोध प्रदर्शन और बहस शुरू हो गई.

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By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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