CBSE Board Re-evaluation 2026: सीबीएसई बोर्ड के मुताबिक, इस पूरे सिस्टम को पहले से ही मजबूत साइबर सिक्योरिटी लेयर के साथ तैयार किया गया था, जिससे बड़ी संख्या में यूजर्स के बावजूद वेबसाइट क्रैश नहीं हुई. सीबीएसई ने पोस्ट-रिजल्ट ग्रिवांस रिड्रेसल पोर्टल को 2 जून 2026 की सुबह 4.30 बजे एक्टिव किया.
CBSE Board की तैयारी पूरी थी और लॉन्च से पहले लोड टेस्टिंग और सिक्योरिटी ऑडिट भी किया गया था. पोर्टल जैसे ही लाइव हुआ, सिर्फ 2 मिनट के अंदर करीब 15 लाख यूजर्स ने एक साथ लॉगिन या क्लिक करने की कोशिश की.
CBSE Board Re-evaluation पोर्टल पर DDoS अटैक का खतरा
सीबीएसई की रिपोर्ट के मुताबिक शुरुआती ट्रैफिक में करीब 1 लाख से ज्यादा ऐसे हिट्स थे, जिन्हें सिस्टम ने अनऑथराइज्ड या फर्जी ट्रैफिक के तौर पर चिन्हित किया. साइबर एक्सपर्ट्स के अनुसार यह पैटर्न DDoS अटैक जैसा था, जिसमें एक साथ लाखों-करोड़ों रिक्वेस्ट भेजकर वेबसाइट को स्लो या डाउन करने की कोशिश की जाती है.
क्या है DDoS?
DDoS (Distributed Denial of Service) एक प्रकार का साइबर अटैक है, जो किसी वेबसाइट, सर्वर या नेटवर्क को भारी मात्रा में फर्जी ट्रैफिक या कनेक्शन भरने का काम करता है. इससे पोर्टल को धीमा या क्रैश करने की कोशिश की जाती है. लेकिन इस बार सिस्टम पहले से तैयार था. DDoS mitigation लेयर एक्टिव थी, जिसकी वजह से अटैक सफल नहीं हो पाया और पोर्टल लगातार चलता रहा.
38 लाख डेटा पैकेट्स एक साथ
3 जून 2026 को एक बार फिर पोर्टल पर साइबर अटैक जैसी गतिविधि दर्ज की गई. इस बार और ज्यादा आक्रामक कोशिश हुई, जिसमें करीब 38 लाख डेटा पैकेट्स एक साथ सर्वर की तरफ भेजे गए. इसके बावजूद सीबीएसई की टेक्निकल टीम 24×7 मॉनिटरिंग मोड में थी.
साइबर अटैक की कोशिशों के बीच भी छात्रों का काम प्रभावित नहीं हुआ. 4 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार अब तक 70,433 आवेदन सफलतापूर्वक दर्ज किए जा चुके हैं. CBSE ने पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी है.
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