Sociology vs Geography: UPSC सिविल सर्विस एग्जाम की तैयारी करते समय सबसे बड़ा सवाल होता है कि ऑप्शनल सब्जेक्ट कौन-सा चुना जाए. कई कैंडिडेट्स सोशियोलॉजी और जियोग्राफी के बीच कन्फ्यूज रहते हैं. दोनों ही सब्जेक्ट (Sociology vs Geography) पॉपुलर हैं और हर साल कई कैंडिडेट्स इन्हें ऑप्शनल के रूप में चुनते हैं. मेधा आनंद (AIR 13, 2023) ने सोशियोलॉजी सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा 310 मार्क्स हासिल किए हैं. वहीं प्रथम कौशिक (AIR 5, 2017) को जियोग्राफी में 327 मार्क्स मिले थे. लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों में से कौन-सा सब्जेक्ट ज्यादा स्कोरिंग है.
किसी भी विषय को स्कोरिंग बनाने में कैंडिडेट्स की रुचि, समझ और तैयारी का तरीका सबसे ज्यादा इम्पॉर्टेंट होता है. आइए जानते हैं कि सोशियोलॉजी या जियोग्राफी (UPSC Optional Sociology vs Geography), कौन ज्यादा स्कोरिंग होता है.
सोशियोलॉजी को क्यों माना जाता है स्कोरिंग?
Sociology को UPSC में अपेक्षाकृत छोटा और समझने में आसान सिलेबस माना जाता है. कई टॉपर जैसे मेधा आनंद (AIR 13, 2023) ने सोशियोलॉजी सब्जेक्ट में सबसे ज्यादा 310 मार्क्स हासिल किए हैं. इसके अलावा शाह मरगी चिराग (AIR 4, 2024) को 291 मार्क्स और मोहन सूर्यवंशी (AIR 464, 2024) को 289 मार्क्स मिले हैं. इसलिए इसे स्कोरिंग ऑप्शनल माना जाता है. ये हैं इस सब्जेक्ट को चुनने के मुख्य फायदे-
- सिलेबस लिमिटेड और क्लियर होता है.
- आंसर लिखना आसान होता है.
- समाज से जुड़े एग्जांपल देने में आसानी रहती है.
- GS पेपर और निबंध (Essay) में भी मदद मिलती है.
जियोग्राफी क्यों है पॉपुलर सब्जेक्ट?
Geography भी यूपीएससी का एक बहुत पॉपुलर ऑप्शनल सब्जेक्ट है. इसमें फिजिकल और ह्यूमन दोनों की पढ़ाई की जाती है. अभिषेक चौरसिया (AIR 72, 2016) ने जियोग्राफी सब्जेक्ट में 295 मार्क्स लाया है. इसमें कांसेप्ट्स को अच्छी तरह समझना जरूरी होता है. ये हैं जियोग्राफी सब्जेक्ट के मुख्य फायदे –
- मैप और डायग्राम से आंसर बेहतर बनते हैं.
- GS पेपर-1 और प्रीलिम्स में काफी मदद मिलती है.
- सब्जेक्ट काफी रोचक और साइअन्टिफिक है.
Sociology vs Geography: किसे चुनना बेहतर रहेगा?
अगर आपको सोसाइटी, सामाजिक मुद्दों और थ्योरी में इंटरेस्ट है, तो सोशियोलॉजी बेहतर ऑप्शन हो सकता है. वहीं अगर आपको मैप, पर्यावरण और प्रैक्टिकल पसंद है, तो जियोग्राफी सिलेक्ट करना सही रहेगा. यूपीएससी में स्कोरिंग वही सब्जेक्ट बनाता है, जिसे कैंडिडेट्स अपनी रुचि और समझ के साथ पढ़ता है.
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