MBBS in China: भारत में मेडिकल की सीटों के लिए मची होड़ और प्राइवेट कॉलेजों की भारी भरकम फीस को देखते हुए, चीन (China) पिछले कुछ सालों से इंडियन स्टूडेंट्स के लिए MBBS का एक बड़ा हब बन गया है. चीन के मेडिकल कॉलेज न केवल अपनी मॉडर्न लैब्स और रिसर्च के लिए जाने जाते हैं, बल्कि यहां की फीस भारत के प्राइवेट कॉलेजों के मुकाबले काफी कम है. आइए जानते हैं कि चीन में मेडिकल स्टडी (MBBS in China) के लिए टॉप कॉलेज कौन कौन से हैं.
MBBS in China: चीन के टॉप मेडिकल कॉलेज
| रैंक | यूनिवर्सिटी का नाम | शहर | खासियत |
| 1 | Fudan University | शंघाई | वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप और बेहतरीन क्लिनिकल एक्सपोजर. |
| 2 | Zhejiang University | हांग्जो | रिसर्च और मॉडर्न मेडिकल टेक्नोलॉजी में सबसे आगे. |
| 3 | Peking University | बीजिंग | चीन की सबसे पुरानी और फेमस यूनिवर्सिटी. |
| 4 | Nanjing Medical University | नानजिंग | भारतीय छात्रों के बीच सबसे पॉपुलर यूनिवर्सिटी. |
| 5 | Jilin University | चांगचुन | यहां का हॉस्पिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत बड़ा है. |
| 6 | China Medical University | शेनयांग | यहां का सिलेबस इंडियन MBBS पैटर्न से काफी मिलता है. |
चीन में MBBS करने के फायदे
- किफायती फीस: भारत के प्राइवेट कॉलेजों में करोड़ों खर्च होते हैं, वहीं चीन में पूरे 6 साल का खर्च (रहने और खाने सहित) 25 लाख से 35 लाख के बीच हो जाता है.
- एडवांस्ड लैब्स और हॉस्पिटल: यहां के सरकारी हॉस्पिटल में मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा होती है, जिससे छात्रों को सीखने का अच्छा मौका मिलता है.
- NEET के आधार पर एडमिशन: इन यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए कोई अलग एंट्रेंस नहीं देना पड़ता है, बस आपका NEET क्वालीफाई होना जरूरी है.
- ग्लोबल लेवल पर मान्यता: यहां की डिग्री पूरी दुनिया (WHO और NMC) में मान्य है.
योग्यता (Eligibility Criteria)
12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) में कम से कम 50% से 60% मार्क्स होने चाहिए. इंडियन स्टूडेंट्स के लिए NEET क्वालीफाई करना अनिवार्य है, वरना डिग्री भारत में मान्य नहीं होगी. आपकी उम्र कम से कम 17 साल होनी चाहिए.
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