Indian Army Doctor: आपने अक्सर सुना होगा कि आर्मी में भी डॉक्टर होते हैं, जो देश की सेवा के साथ-साथ लोगों का इलाज करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर Indian Army में डॉक्टर कैसे बना जाता है? क्या इसके लिए MBBS करना जरूरी है या कोई दूसरा रास्ता भी मौजूद है? अगर आप भी इस करियर को लेकर सोच रहे हैं, तो यहां आसान भाषा में पूरा प्रोसेस समझिए.
भारतीय सेना में डॉक्टर कैसे बनें?
भारतीय सेना में डॉक्टर बनने के मुख्य तौर पर दो रास्ते हैं. हालांकि, दोनों ही रास्तों में पहला कदम NEET परीक्षा पास करना होता है. NEET UG क्वालिफाई करने के बाद ही आप आगे की प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं.
सेना में डायरेक्ट भर्ती
सेना की ओर से हर साल डॉक्टर के पदों पर भर्ती निकाली जाती है. आमतौर पर 100 से 400 पदों के बीच वैकेंसी आती है. यह भर्ती सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं (AFMS) के तहत शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के जरिए की जाती है.
इसमें आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास MBBS डिग्री होना जरूरी है. चयन प्रक्रिया में NEET PG स्कोर और इंटरव्यू शामिल होते हैं. इसके बाद मेडिकल फिटनेस के आधार पर फाइनल चयन किया जाता है.
AFMC के जरिए बनें Army Doctor
दूसरा और सबसे लोकप्रिय रास्ता है AFMC यानी आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज के जरिए डॉक्टर बनना. इसमें एडमिशन NEET UG स्कोर के आधार पर मिलता है. AFMC से MBBS करने वाले छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ सैन्य ट्रेनिंग भी दी जाती है, जिससे वे एक साथ डॉक्टर और सैन्य अधिकारी बनने के लिए तैयार होते हैं.
MBBS के साथ मिलती है मिलिट्री ट्रेनिंग
AFMC में पढ़ाई के दौरान ही छात्रों को मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाती है. कोर्स पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को सीधे भारतीय सेना में कैप्टन रैंक से ज्वॉइनिंग मिलती है. यह करियर न सिर्फ सम्मानजनक है, बल्कि देश सेवा का एक शानदार मौका भी देता है.
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