MBA या PGDM कौन सा मैनेजमेंट कोर्स है बेस्ट? जानें फीस और जॉब ऑप्शन

MBA vs PGDM: मैनेजमेंट में करियर बनाने की सोच रहे छात्रों के बीच MBA और PGDM को लेकर कन्फ्यूजन हर साल बना रहता है. MBA और PGDM दोनों ही मैनेजमेंट के पॉपुलर कोर्स हैं, लेकिन दोनों का तरीका और फोकस थोड़ा अलग होता है. इन दोनों कोर्स की फीस और प्लेसमेंट की डिटेल्स यहां देख सकते हैं.

By Ravi Mallick | January 8, 2026 6:57 PM

MBA vs PGDM: मैनेजमेंट में करियर बनाने की सोच रहे छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि MBA करें या PGDM. हर साल लाखों छात्र इस दुविधा में रहते हैं कि कौन सा कोर्स करने से बेहतर नौकरी और बेहतर भविष्य मिलेगा. इसी कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए यह समझना जरूरी है कि MBA और PGDM में असली फर्क (MBA vs PGDM) क्या है और किस तरह के छात्रों के लिए कौन सा कोर्स ज्यादा सही साबित होता है.

MBA vs PGDM: क्या है दोनों कोर्स?

MBA यानी मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन एक डिग्री कोर्स होता है, जिसे यूनिवर्सिटी और उनसे जुड़े कॉलेज कराते हैं. वहीं PGDM यानी पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट एक डिप्लोमा कोर्स होता है, जिसे AICTE से मान्यता प्राप्त ऑटोनॉमस संस्थान संचालित करते हैं. नाम अलग होने के बावजूद दोनों का मकसद स्टूडेंट्स को मैनेजमेंट के लिए तैयार करना होता है.

MBA की फीस और कुल खर्च

MBA की फीस आमतौर पर PGDM के मुकाबले (MBA vs PGDM) कम मानी जाती है. खासकर अगर कोई छात्र सरकारी या स्टेट यूनिवर्सिटी से MBA करता है, तो दो साल की फीस 50 हजार से 3 लाख रुपये के बीच होती है. प्राइवेट यूनिवर्सिटी में MBA करने पर फीस बढ़ जाती है और यह 4 लाख से 8 लाख रुपये या उससे अधिक भी होती है.

PGDM की फीस क्यों होती है ज्यादा

PGDM कोर्स की फीस आमतौर पर ज्यादा होती है. टॉप PGDM कॉलेजों में दो साल की फीस 8 लाख से 20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. इसकी मुख्य वजह यह है कि PGDM संस्थान इंडस्ट्री एक्सपोजर, लाइव प्रोजेक्ट, इंटरनेशनल विजिट, गेस्ट लेक्चर और कॉरपोरेट ट्रेनिंग पर ज्यादा खर्च करते हैं.

PGDM vs MBA जॉब ऑप्शन

  • HR मैनेजर या HR एग्जीक्यूटिव
  • मार्केटिंग मैनेजर
  • सेल्स मैनेजर
  • फाइनेंस एनालिस्ट
  • बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में ऑफिसर
  • ऑपरेशंस मैनेजर
  • बिजनेस एनालिस्ट
  • सरकारी विभाग में मैनेजमेंट पद
  • कॉलेज या यूनिवर्सिटी में लेक्चरर
  • PhD करने के बाद प्रोफेसर
  • मैनेजमेंट ट्रेनी
  • बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर
  • मार्केटिंग और ब्रांड मैनेजर
  • डिजिटल मार्केटिंग मैनेजर
  • प्रोडक्ट मैनेजर

इन कोर्स को करने के बाद ज्यादातर स्टूडेंट्स प्राइवेट सेक्टर, MNC, स्टार्टअप, कंसल्टिंग फर्म और टेक कंपनियों में नौकरी करते हैं. यह कोर्स उन युवाओं के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है जो फास्ट ग्रोथ और हाई पैकेज की तलाश में होते हैं.

सैलरी डिटेल्स

MBA करने के बाद शुरुआती सैलरी आमतौर पर 3 लाख से 6 लाख रुपये सालाना के बीच होती है, जो कॉलेज और स्पेशलाइजेशन पर निर्भर करती है. PGDM करने के बाद शुरुआती पैकेज कई मामलों में 4 लाख से 10 लाख रुपये सालाना तक भी पहुंच सकता है, खासकर अगर कॉलेज टॉप कैटेगरी का हो.

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