IITs Admission Rank: JEE Advanced में अगर आपकी ऑल इंडिया रैंक (AIR) करीब 10,000 के आसपास आती है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है, आपके पास IIT में एडमिशन का मौका अब भी बचा है. हालांकि इस रैंक पर टॉप ब्रांच जैसे CSE मिलना मुश्किल होता है, लेकिन कई IITs में कोर इंजीनियरिंग ब्रांच आसानी से मिल सकती हैं.
10,000 रैंक पर IITs में कौन सी ब्रांच मिल सकती है?
इस रैंक पर छात्रों को आमतौर पर ये ब्रांच मिलती हैं:
- मेटलर्जिकल और मटेरियल्स इंजीनियरिंग
- सिविल इंजीनियरिंग
- मैकेनिकल इंजीनियरिंग
- माइनिंग इंजीनियरिंग
- बायोटेक्नोलॉजी
- केमिकल इंजीनियरिंग
10,000 रैंक में किस IIT में क्या मिल सकता है?
IIT खड़गपुर, IIT रुड़की: मेटलर्जिकल, सिविल, माइनिंग
IIT हैदराबाद: सिविल, मैटेरियल साइंस, मेटलर्जिकल
IIT गुवाहाटी: बायोसाइंस, बायोइंजीनियरिंग, केमिकल
IIT रोपड़, IIT जोधपुर: मैकेनिकल, मेटलर्जिकल
IIT मंडी, IIT भुवनेश्वर: सिविल, मैकेनिकल, इंजीनियरिंग फिजिक्स
IIT पलक्कड़, IIT गोवा, IIT जम्मू: मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, कुछ जगह CSE (नए IITs में)
IIT (ISM) धनबाद: माइनिंग, मिनरल, पेट्रोलियम इंजीनियरिंग
ये सभी अनुमान पिछले वर्षों के कटऑफ और ट्रेंड्स पर आधारित हैं. असली सीट अलॉटमेंट JoSAA काउंसलिंग के दौरान ही होता है. कैटेगरी (OBC/SC/ST/EWS) और जेंडर के अनुसार, हर साल ट्रेंड बदलते रहते हैं.
कैसे मिलता है IITs में एडमिशन?
IITs में एडमिशन के लिए छात्रों को सबसे पहले JEE Advanced परीक्षा पास करनी होती है. इसके बाद उम्मीदवारों को JoSAA काउंसलिंग में भाग लेना होता है, जहां रैंक और च्वॉइस के आधार पर सीट अलॉट की जाती है. JoSAA के जरिए देशभर के IITs, NITs और अन्य टॉप टेक्निकल संस्थानों में एडमिशन दिया जाता है.
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