CA vs CS: कॉमर्स स्टूडेंट्स के लिए 12वीं के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि CA या CS, आखिर कौन-सा कोर्स चुना जाए. दोनों ही प्रोफेशनल डिग्री हैं, दोनों में अच्छा करियर और सम्मान है. लेकिन इनकी पढ़ाई, वर्क फील्ड और फ्यूचर की दिशा अलग-अलग होती है. एक तरफ जहां इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) द्वारा संचालित CA कोर्स फाइनेंस, अकाउंट और टैक्सेशन की दुनिया का सबसे अच्छा ऑप्शन माना जाता है. वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरी ऑफ इंडिया (ICSI) का CS कोर्स कंपनी कानून और कॉरपोरेट गवर्नेंस में एक्सपर्टीज देता है. आइए जानते हैं कि कॉमर्स स्टूडेंट्स के लिए CA vs CS कौन बेहतर है.
CA क्या है?
चार्टर्ड अकाउंटेंट ICAI द्वारा कराया जाने वाला कोर्स है. इसमें अकाउंटिंग, टैक्सेशन, ऑडिट और फाइनेंशियल मैनेजमेंट जैसे सब्जेक्ट पढ़ाए जाते हैं. CA कोर्स करने के बाद बैंक, ऑडिट फर्म और MNC कंपनियों में काम करने का मौका मिलता है. इस कोर्स को करने के बाद स्टार्टिंग सैलरी 6 से 8 लाख प्रतिवर्ष होती है. एक्सपिरियंस के साथ सैलरी 15 से 25 लाख या उससे ज्यादा भी हो सकती है.
CS क्या है?
कंपनी सेक्रेटरी (CS) ICSI द्वारा कराया जाता है. CS में कंपनी लॉ, कॉर्पोरेट गवर्नेंस, लीगल कंप्लायंस, कंपनी रजिस्ट्रेशन और रूल पढ़ाया जाता है. CS करने के बाद स्टार्टिंग सैलरी 4 से 7 लाख प्रतिवर्ष होती है. कुछ साल के बाद सैलरी 12-20 लाख प्रतिवर्ष हो सकती है. इस कोर्स को करने के बाद लीगल डिपार्ट्मेंट, कॉर्पोरेट एडवाइजरी और बड़ी कंपनियों में जॉब के ऑप्शन मिलते हैं.
CA vs CS: कौन है बेहतर?
दोनों ही कोर्स (CA vs CS) हाई- प्रोफाइल करियर देते हैं. अगर आपको नंबर, अकाउंट और टैक्स में रुचि है, तो CA बेहतर रहेगा. वहीं आपको लॉ, कंपनी रूल और कॉर्पोरेट मैनेजमेंट सेक्टर पसंद है, तो CS अच्छा ऑप्शन है. सही कोर्स का सिलेक्शन आपके करियर गोल पर डिपेंड करता है.
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