BTech Petroleum Engineering: आजकल जब भी कोई इंजीनियरिंग करने की सोचता है, तो सबसे पहले उसके दिमाग में CSE यानी कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग का नाम आता है. सबको लगता है कि बड़ा पैकेज और शानदार करियर सिर्फ कोडिंग या सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में ही मिल सकता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसी भी फील्ड है जहां बिना कोडिंग के भी छात्रों को करोड़ों रुपये के इंटरनेशनल पैकेज मिल रहे हैं. वो है BTech Petroleum Engineering.
अगर आपकी रुचि कोर इंजीनियरिंग में है और आप दुनिया घूमने के साथ-साथ एक शानदार सैलरी पैकेज चाहते हैं, तो यह फील्ड आपके लिए एक बेस्ट ऑप्शन साबित हो सकती है. आइए जानते हैं कि पेट्रोलियम इंजीनियरिंग क्या है और क्यों यह आज के समय में इतनी डिमांड में है.
क्या होती है BTech Petroleum Engineering?
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग इंजीनियरिंग की वह ब्रांच है जो जमीन के नीचे से कच्चे तेल (Crude Oil) और नेचुरल गैस (Natural Gas) को सुरक्षित और सही तरीके से बाहर निकालने की टेक्नीक पर काम करती है.
एक पेट्रोलियम इंजीनियर का काम सिर्फ खुदाई करना नहीं होता. वे यह पता लगाते हैं कि जमीन या समुद्र के नीचे तेल कहां है, उसे बाहर निकालने के लिए कौन सी मशीनें लगेंगी और कैसे कम से कम खर्चे में ज्यादा से ज्यादा तेल निकाला जा सकता है.
क्यों मिल रहे हैं इसमें इंटरनेशनल पैकेज?
बहुत से लोगों को लगता है कि दुनिया अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) और रिन्यूएबल एनर्जी की तरफ बढ़ रही है, तो तेल की डिमांड कम हो जाएगी. लेकिन सच यह है कि प्लास्टिक, दवाइयां, केमिकल और भारी उद्योगों में आज भी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स का कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
आजकल ज्यादातर छात्र कंप्यूटर साइंस की तरफ भाग रहे हैं, इसलिए BTech Petroleum Engineering के फील्ड में टैलेंटेड प्रोफेशनल्स की भारी कमी हो गई है. डिमांड ज्यादा और सप्लाई कम होने की वजह से बड़ी-बड़ी विदेशी कंपनियां जैसे अरामको (Aramco), शेल (Shell), और शेवरॉन (Chevron) भारतीय छात्रों को सीधे कॉलेज कैंपस से ही करोड़ों रुपये के इंटरनेशनल पैकेज पर हायर कर रही हैं.
मिडिल ईस्ट और अमेरिका में नौकरियों की भरमार
पेट्रोलियम इंजीनियरिंग पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ बिजनेस है. इस कोर्स को करने के बाद आपको सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में काम करने का मौका मिलता है. विशेष रूप से दुबई, सऊदी अरब, कतर, ओमान जैसे मिडिल ईस्ट (खाड़ी) देशों में तेल के विशाल भंडार हैं.
इसके अलावा अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी पेट्रोलियम इंजीनियर्स की भारी मांग रहती है. इन देशों में काम करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वहां सैलरी बहुत ज्यादा होती है और कई देशों में तो इनकम टैक्स भी नहीं देना पड़ता है.
कोर्स के दौरान क्या-क्या पढ़ना होता है?
अगर आप इस फील्ड (BTech Petroleum Engineering) में आना चाहते हैं, तो आपको 12वीं में फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) पढ़ना जरूरी है. इसके बाद आप IITs या देश की अन्य टॉप यूनिवर्सिटीज से 4 साल का BTech पेट्रोलियम इंजीनियरिंग कोर्स कर सकते हैं. इस कोर्स के दौरान आपको नीचे दिए गए मुख्य विषयों के बारे में सिखाया जाता है:
- ड्रिलिंग टेक्नोलॉजी: जमीन और समुद्र में गहरे कुएं कैसे खोदे जाते हैं.
- रिजर्वोइयर इंजीनियरिंग: तेल के भंडारों का सही अंदाजा लगाना.
- प्रोडक्शन ऑपरेशन्स: तेल को जमीन से बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया.
- जियोलॉजी: धरती की परतों और चट्टानों का अध्ययन करना.
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