MDes from IITs: अगर आप डिजाइनिंग की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहते हैं और देश के सबसे पॉपुलर इंस्टीट्यूट से पढ़ना चाहते हैं, तो IITs से MDes (मास्टर ऑफ डिजाइन) करना एक बेहतरीन विकल्प है. आज के समय में सिर्फ इंजीनियरिंग ही नहीं, बल्कि डिजाइन, यूजर एक्सपीरियंस (UX/UI), और प्रोडक्ट डेवलपमेंट की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. आइए जानते हैं कि देश के किन-किन IITs से आप MDes का कोर्स कर सकते हैं, इसके लिए क्या योग्यता चाहिए और करियर के क्या मौके हैं.
MDes from IITs: इन आईआईटी से कर सकते हैं MDes कोर्स
भारत के कई टॉप IITs में डिजाइन के लिए स्पेशल डिपार्टमेंट बनाए गए हैं. आप नीचे दिए गए प्रमुख इंस्टीट्यूट से यह कोर्स कर सकते हैं:
- IIT बॉम्बे: इसे देश का सबसे बेस्ट डिजाइन स्कूल ( MDes from IITs) माना जाता है. यहां इंडस्ट्रियल डिजाइन, कम्युनिकेशन डिजाइन, एनीमेशन और मोबिलिटी डिजाइन जैसे बेहतरीन कोर्सेज हैं.
- IIT गुवाहाटी (डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन): यहां का डिजाइन डिपार्टमेंट बहुत पुराना और प्रसिद्ध है. यह संस्थान खासतौर पर सस्टेनेबल और यूजर-सेंट्रिक डिजाइन पर फोकस करता है.
- IIT हैदराबाद: यह नया होने के बावजूद टेक्नीक और डिजाइन के तालमेल (जैसे विजुअल डिजाइन और प्रोडक्ट डिजाइन) के लिए काफी लोकप्रिय हो रहा है.
- IIT कानपुर (डिजाइन प्रोग्राम): यहां का माहौल काफी रिसर्च-ओरिएंटेड है. अगर आप इंजीनियरिंग और डिजाइन का कॉम्बिनेशन पसंद करते हैं, तो यह आपके लिए अच्छा है.
- IIT दिल्ली (डिपार्टमेंट ऑफ डिजाइन): यहां भी हाल के वर्षों में MDes कोर्स की शुरुआत की गई है, जो इंडस्ट्री की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
- IIT रुड़की और IIITDM जबलपुर: इन संस्थानों से भी आप मास्टर ऑफ डिजाइन की डिग्री ले सकते हैं.
कौन सी ब्रांच (स्पेशलाइजेशन) चुन सकते हैं?
IITs ( MDes from IITs) में जाने के बाद आपको अपनी पसंद के हिसाब से स्पेशलाइजेशन चुनने का मौका मिलता है.
प्रोडक्ट डिजाइन: इसमें नए-नए प्रोडक्ट्स (जैसे गैजेट्स, गाड़ियां या घरेलू सामान) की बनावट और उनके लुक को तैयार किया जाता है.
इंटरेक्शन डिजाइन (UX/UI): मोबाइल ऐप्स और वेबसाइट्स को यूज करने में कितना आसान और सुंदर बनाया जाए, यह इसके तहत सिखाया जाता है. आजकल इसकी मांग सबसे ज्यादा है.
कम्युनिकेशन डिजाइन: इसमें ग्राफिक डिजाइन, विज्ञापन और लोगों तक अपनी बात सही तरीके से विजुअल्स के जरिए पहुंचाना शामिल है.
एनीमेशन एंड मोबिलिटी डिजाइन: इसमें डिजिटल एनीमेशन और फ्यूचर के ट्रांसपोर्टेशन की डिजाइनिंग सिखाई जाती है.
MDes from IITs: आईआईटी में एडमिशन का क्या तरीका है?
आईआईटी से MDes करने के लिए आपको एक नेशनल लेवल का एंट्रेंस एग्जाम पास करना होता है, जिसे CEED (कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन) कहा जाता है. इस परीक्षा को पास करने के बाद आपको IITs का फॉर्म भरना होता है.
ज्यादातर IITs एग्जाम स्कोर के साथ-साथ आपका एक डिजाइन पोर्टफोलियो (आपके द्वारा किया गया पुराना आर्ट या डिजाइन का काम) देखते हैं और फिर एक छोटा सा इंटरव्यू या पर्सनल टेस्ट लेते हैं. इसके बाद ही फाइनल एडमिशन मिलता है.
क्या इंजीनियरिंग बैकग्राउंड होना जरूरी है?
यह एक बहुत बड़ा भ्रम है कि IIT में जाने के लिए बीटेक होना जरूरी है. अगर आपने आर्किटेक्चर (BArch), फाइन आर्ट्स (BFA), डिजाइन (BDes) या किसी भी स्ट्रीम में 4 साल की ग्रेजुएशन डिग्री (या कुछ मामलों में 3 साल की डिग्री के साथ मास्टर) की है, तो आप CEED एग्जाम देकर IIT में जा सकते हैं.
नौकरी और सैलरी की क्या संभावनाएं हैं?
IIT से MDes करने के बाद प्लेसमेंट की कोई कमी नहीं होती. देश-विदेश की बड़ी टेक कंपनियां, ऑटोमोबाइल कंपनियां और स्टार्टअप्स इन स्टूडेंट्स को हायर करते हैं. आप UX/UI डिजाइनर, प्रोडक्ट मैनेजर, डिजाइन कंसल्टेंट या पैकेज डिजाइनर के रूप में Google, Microsoft, Samsung, Tata Motors जैसी बड़ी कंपनियों में काम कर सकते हैं. शुरुआती सैलरी पैकेज भी काफी शानदार (सालाना 10 से 25 लाख रुपये या उससे अधिक) हो सकता है.
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