यूजीसी ने विश्वविद्यालयों के छात्रों को ‘स्वदेश गाय विज्ञान’ परीक्षा में भाग लेने के लिए उपकुलपतियों को लिखा पत्र, …जानें पूरी बात

UGC, Domestic cow science, National Kamadhenu Commission : नयी दिल्ली : केंद्र सरकार की 'स्वदेश गाय विज्ञान' परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी उप-कुलपतियों को पत्र लिखा है. यूजीसी ने सभी उप-कुलपतियों से कहा है कि वे अपने विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों में छात्रों को 25 फरवरी को आयोजित होनेवाली परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें.

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 17, 2021 9:47 AM

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार की ‘स्वदेश गाय विज्ञान’ परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने को लेकर विश्व विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश के सभी उप-कुलपतियों को पत्र लिखा है. यूजीसी ने सभी उप-कुलपतियों से कहा है कि वे अपने विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों में छात्रों को 25 फरवरी को आयोजित होनेवाली परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें.

परीक्षा की अध्ययन सामग्री में दावा किया गया है कि भारत और रूस में परमाणु केंद्रों में विकिरण से सुरक्षा के रूप में गोबर का उपयोग किया जाता है. भोपाल में गैस रिसाव में लोगों को बचाया गया. साथ ही बताया गया है कि जर्सी गायें आलसी और खराब गुणवत्ता का दूध देती हैं. जबकि, देसी गाय का दूध पीला होता है. क्योंकि, इसमें स्वर्ण तत्व होते हैं.

मालूम हो कि पिछले महीने हंगामे के बाद विवादास्पद सामग्री को अध्ययन पाठ के अंग्रेजी संस्करण से हटा दिया गया था. लेकिन, कई क्षेत्रीय भाषाओं में ये दावे अब भी शामिल हैं.मालूम हो कि परीक्षा का संचालन राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की ओर से किया जाता है. यह भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने दो फरवरी को स्थापित किया था.

राष्ट्रीय कामधेनु आयोग भारत में देशी गाय की प्रासंगिकता, आर्थिक, वैज्ञानिक, पर्यावरण, स्वास्थ्य, कृषि और आध्यात्मिक जानकारी के प्रसार पर काम कर रहा है. राष्ट्रीय कामधेनु आयोग पूरे देश में 25 फरवरी को परीक्षा आयोजित कर रहा है. परीक्षा ऑनलाइन होगी. परीक्षा में शामिल होनेवाले सभी प्रतिभागियों को प्रशंसा प्रमाणपत्र दिया जायेगा.

यह परीक्षा चार श्रेणियों में आयोजित की जायेगी. प्राथमिक स्तर (कक्षा आठ तक), माध्यमिक स्तर (कक्षा नौ से 12 तक), कॉलेज स्तर (12वीं के बाद) और आम जनता के लिए आयोजित की जा रही है. परीक्षा के लिए कोई पंजीकरण शुल्क नहीं है. परीक्षा के लिए साहित्य और संदर्भ पुस्तकें, राष्ट्रीय कामधेनु की वेबसाइट पर अपलोड, अनुशंसित, परीक्षार्थियों को परीक्षा की तैयारी में मदद कर सकती हैं. हालांकि, वे परीक्षा की तैयारी के लिए अन्य सामग्री का भी उपयोग कर सकते हैं.

राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सफल मेधावी उम्मीदवारों के नामों की घोषणा राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की वेबसाइट पर 26 फरवरी 2021 को की जायेगी. साथ ही सफल और मेधावी को समारोह में नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र दिया जायेगा. परीक्षा बहु विकल्प प्रश्न पर आधारित होगी. इसके लिए एक घंटे का समय दिया जायेगा. परीक्षा में गलत उत्तर देने पर कोई नकारात्मक अंकन नहीं होगा.

कामधेनु गौ विज्ञान परीक्षा अंग्रेजी, गुजराती, संस्कृत, पंजाबी, मराठी, कन्नड, मलयालम, तामिल, बंगाली, तेलुगू, उड़िया आदि भाषाओं में ली जायेगी. इसमें देश के सभी राज्यों के छात्र भाग ले सकते हैं.

प्राथमिक स्तर की परीक्षा सुबह नौ बजे से सुबह 10 बजे तक, माध्यमिक स्तर की परीक्षा सुबह 11 बजे से 12 बजे तक और कॉलेज स्तर की परीक्षा दोपहर एक बजे से दो बजे तक होगी. वहीं, भारतीय नागरिकों के लिए दोपहर तीन बजे से शाम चार बजे तक और अंतरराष्ट्रीय-एनआरआई के लिए शाम पांच बजे से शाम छह बजे तक परीक्षा ली जायेगी.

पंजीकरण पांच जनवरी से शुरू हो गया है. इसके पंजीकरण की अंतिम तिथि 20 फरवरी है. मॉक एग्जाम 21 फरवरी को होगी. परीक्षा 25 फरवरी को आयोजित की जायेगी और परिणाम तुरंत घोषित कर दिया जायेगा. पंजीकरण के बाद आपको परीक्षा के दौरान लॉगिन करने के लिए यूजरनेम और पासवर्ड मिलेगा. परीक्षा में भाग लेने के लिए आप किसी भी उपकरण जैसे मोबाइल / लैपटॉप / डेस्कटॉप का उपयोग कर सकते हैं.

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