केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षा के आंतरिक मूल्यांकन / व्यावहारिक और परियोजनाओं सहित स्कूल-आधारित मूल्यांकन के संचालन के संबंध में एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी किया है. कक्षा 12 के प्रैक्टिकल के अंक अपलोड करने की समय सीमा 11 जून थी. सीबीएसई ने समय सीमा बढ़ाकर 28 जून कर दी है. इसके अलावा, सीबीएसई ने स्कूल-आधारित मूल्यांकन के तरीके को बदल दिया है.
सीबीएसई का बयान जारी
सीबीएसई ने इस संबंध में बयान जारी कर कहा, “जिन सब्जेक्ट्स के लिए एक्सटर्नल एग्जामिनर नियुक्त नहीं किया गया है, उन सब्जेक्ट्स के लिए संबंधित स्कूल शिक्षक ऑनलाइन मोड में पाठ्यक्रम में दिए गए निर्देशों के आधार पर छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन करेंगे और बोर्ड द्वारा जारी किए गए लिंक पर अंकों को अपलोड करेंगे.”
बयान में आगे कहा गया है कि साल 2021 में कक्षा 12वीं की परीक्षा के लिए पंजीकृत निजी उम्मीदवारों के लिए प्रैक्टिकल / प्रोजेक्ट / आंतरिक मूल्यांकन के संचालन की नीति जल्द ही घोषित की जाएगी.
सीबीएसई पहले ही रिजल्ट का फॉर्मूला तैयार करने के लिए 13 सदस्यीय समिति का गठन कर चुकी है. इस समिति को 10 दिनों में रिपोर्ट पेश करनी है. इससे पहले सीबीएसई बोर्ड के सचिव ने कहा था कि दो हफ्ते के भीतर बारहवीं कक्षा के रिजल्ट के मूल्यांकन मानदंड को घोषित कर दिया जाएगा.
रद्द हुई 12वीं की परीक्षा, छात्रों को दिया गया ये विकल्प
आपको बता दें 1 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई बोर्ड की बारहवीं कक्षा की परीक्षा को रद्द कर दिया था. प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी बयान में पहले ही कहा जा चुका है कि जो विद्यार्थी ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया से प्राप्त नंबरों से संतुष्ट नहीं होंगे, उनको कोरोना वायरस की स्थिति के सामान्य होने के बाद परीक्षा में बैठने का विकल्प दिया जाएगा. यानी कि अगर कोई छात्र सीबीएसई की तरफ से मूल्यांकन मानदंड के आधार पर रिजल्ट जारी करने पर प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह बोर्ड परीक्षा दे सकता है.
Posted By: Shaurya Punj
