ट्रेडिंग हुई महंगी: जीरोधा ने चुनिंदा F&O ट्रेड्स पर ब्रोकरेज दोगुनी की, अब ₹20 के बजाय लगेंगे ₹40

Zerodha brokerage charges: 1 अप्रैल 2026 से जीरोधा चुनिंदा F&O ट्रेड्स पर ₹40 ब्रोकरेज लेगा. साथ ही STT में बढ़ोतरी से ट्रेडिंग महंगी होगी, जिसका उद्देश्य गिरते रेवेन्यू और रेगुलेटरी खर्चों को संभालना है.

Zerodha brokerage charges: भारत के सबसे बड़े डिस्काउंट ब्रोकर्स में से एक, जीरोधा ने अपने ट्रेडिंग चार्ज में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है. 1 अप्रैल 2026 से कंपनी चुनिंदा इंट्राडे डेरिवेटिव्स (F&O) ट्रेड्स के लिए ब्रोकरेज को ₹20 से बढ़ाकर ₹40 प्रति ऑर्डर करने जा रही है. यह कदम जीरोधा के उस पुराने ‘लो-कॉस्ट’ मॉडल से एक बड़ा बदलाव है, जिसने सालों तक रिटेल इन्वेस्टर्स को अपनी ओर आकर्षित किया था.

आगे बढ़ने से पहले ये जान लेते है कि (F&O) क्या होता है. F&O का पूरा नाम Futures and Options (वायदा और विकल्प) है. यह शेयर बाजार का एक खास हिस्सा है जिसे ‘डेरिवेटिव मार्केट’ कहा जाता है. आसान भाषा में समझें तो इसमें आप सीधे किसी कंपनी का शेयर नहीं खरीदते, बल्कि उस शेयर की भविष्य की कीमत पर सौदा (Contract) करते हैं.

यह कैसे काम करता है ? मान लीजिए आज Reliance के शेयर की कीमत ₹2,500 है. आपको लगता है कि अगले महीने इसकी कीमत ₹2,700 हो जाएगी. नॉर्मल मार्केट में आप ₹2,500 देकर एक शेयर खरीदेंगे और F&O मार्केट में आप पूरा पैसा देने के बजाय सिर्फ थोड़ा सा ‘मार्जिन’ (जैसे ₹500) देकर एक कॉन्ट्रैक्ट करेंगे कि आप अगले महीने इस शेयर को एक तय कीमत पर खरीदेंगे या बेचेंगे.

फ्यूचर और ऑप्शन में अंतर

F&O के दो हिस्से होते हैं.

  • फ्यूचर्स (Futures): इसमें खरीदार और बेचने वाला दोनों एक लीगल एग्रीमें में आ जाते हैं. तय तारीख (Expiry) पर आपको वह सौदा पूरा करना ही पड़ता है, चाहे फायदा हो या नुकसान.
  • ऑप्शंस (Options): इसमें खरीदार के पास अधिकार होता है, लेकिन मजबूरी नहीं. अगर सौदा आपके पक्ष में नहीं जा रहा, तो आप उसे छोड़ सकते हैं. इसमें आपको सिर्फ ‘प्रीमियम’ (एक छोटी फीस) गंवानी पड़ती है.

किन ट्रेडर्स पर गिरेगी गाज ?

बिजनेस स्टैंडर्ड के अनुसार ब्रोकरेज में यह बढ़ोतरी सभी ग्राहकों के लिए नहीं है. यह बढ़ी हुई फीस केवल उन ट्रेडर्स पर लागू होगी जो सेबी (SEBI) के 50 प्रतिशत कैश कोलैटरल (Cash Collateral) नियम को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. पहले जीरोधा इस अंतर या गैप को अपनी ओर से कवर कर लेता था, लेकिन अब रेगुलेटरी लागत बढ़ने के कारण कंपनी ने यह बोझ सीधे उन ग्राहकों पर डालने का फैसला किया है जो पर्याप्त कैश मार्जिन नहीं रख रहे हैं.

1 अप्रैल से ब्रोकरेज भी बढ़ेगी और टैक्स भी

ट्रेडर्स के लिए अप्रैल का महीना आर्थिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है. एक तरफ जहां जीरोधा ने अपनी फीस बढ़ाई है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ने STT (Security Transaction Tax) में भी भारी इजाफा कर दिया है. फ्यूचर्स (Futures) पर STT को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस प्रीमियम (Options) पर इसे 0.1% से बढ़ाकर 0.15% कर दिया गया है.

जीरोधा के मुनाफे और रेवेन्यू में गिरावट

जीरोधा द्वारा फीस बढ़ाने के इस फैसले के पीछे कंपनी के गिरते वित्तीय आंकड़े (Financial Statistics) एक बड़ी वजह माने जा रहे हैं. पिछले 15 सालों में पहली बार फाइनेंशियल ईयर 2025 में कंपनी का रेवेन्यू 11.5% और नेट प्रॉफिट 22.9% गिरकर ₹4,237 करोड़ पर आ गया है. चूंकि जीरोधा की कुल कमाई का लगभग 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा केवल F&O ट्रेडिंग फीस से आता है, इसलिए गिरते ट्रेडिंग वॉल्यूम और सख्त होते नियमों के बीच अपनी इनकम को स्थिर रखने के लिए कंपनी को यह कड़ा फैसला लेना पड़ा है.

बाजार पर क्या होगा असर ?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रोकरेज और टैक्स में इस सामूहिक बढ़ोतरी का असर ट्रेडिंग वॉल्यूम पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा. फरवरी 2026 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इंडेक्स ऑप्शंस का औसत डेली टर्नओवर ₹68,500 करोड़ (प्रीमियम) के करीब था. लागत बढ़ने से छोटे रिटेल निवेशक अब बाजार से दूरी बना सकते हैं या अपने ट्रेड की संख्या कम कर सकते हैं. यह भी संभावना जताई जा रही है कि जीरोधा के इस कदम के बाद इंडस्ट्री के अन्य डिस्काउंट ब्रोकर्स भी अपनी कीमतों में इसी तरह का बदलाव कर सकते हैं.

शुल्क का प्रकारपुराना (Old)नया (New – 1 April)
जीरोधा ब्रोकरेज₹20 प्रति ऑर्डर₹40 (चुनिंदा ट्रेड्स पर)
STT (Futures)0.02%0.05%
STT (Options)0.1%0.15%

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By Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

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अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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