क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto ला रहा है IPO, जुटाएगा ₹8,010 करोड़, जानिए पूरी डिटेल

Zepto IPO: डिलीवरी ऐप Zepto बाजार से ₹8,010 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. यह देश का पहला क्विक कॉमर्स IPO होगा, जिसमें बड़े इन्वेस्टर्स भी अपने शेयर बेच रहे हैं.

Zepto IPO: अगर आप भी शेयर मार्केट में पैसा लगाते हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खबर है. डिलीवरी ऐप Zepto अपना IPO लेकर आ रही है. कंपनी ने अपने IPO (Initial Public Offering) के लिए मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर्स (DRHP) जमा कर दिए हैं. Zepto घरेलू शेयर बाजार में कदम रखने वाली देश की पहली विशुद्ध (dedicated) क्विक कॉमर्स कंपनी बनेगी. आइए जानते हैं इस IPO से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात.

कंपनी कितने पैसे जुटाने की तैयारी में है?

जेप्टो इस IPO के जरिए 8,010 करोड़ रुपये जुटाने का प्लान बना रही है. खास बात यह है कि यह पूरा पैसा नए इक्विटी शेयर जारी करके (Fresh Issue) जुटाया जाएगा. इसके साथ ही एक अलग ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) सेगमेंट भी होगा, यानी कंपनी के मौजूदा इन्वेस्टर्स अपने शेयर बेचकर बाहर निकलेंगे. इस IPO में शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये प्रति शेयर रखी गई है. 

कौन से बड़े इन्वेस्टर्स अपने शेयर बेच रहे हैं?

ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत कंपनी के पुराने बैकर्स कुल मिलाकर 11,34,66,566 इक्विटी शेयर बाजार में बेचेंगे. शेयर बेचने वाले मुख्य संस्थागत (institutional) इन्वेस्टर्स इस प्रकार हैं:

  • नेक्सस वेंचर्स VI होल्डिंग्स: 5,73,57,141 शेयर बेचेंगे. 
  • नेक्सस वेंचर्स VII होल्डिंग्स: 3,03,98,907 शेयर बेचेंगे. 
  • रेजर वेंचर्स जेप्टो: 93,64,174 शेयर बेचेंगे. 
  • कॉन्ट्रेरी ZEP होल्डिंग्स: 78,01,378 शेयर बेचेंगे. 
  • कैसर फाउंडेशन हॉस्पिटल्स: 43,85,912 शेयर बेचेंगे. 
  • कैसर परमानेंटे ग्रुप ट्रस्ट: 41,59,054 शेयर बेचेंगे. 

इस पूरे मेगा IPO को संभालने के लिए कोटक महिंद्रा, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, जेएम फाइनेंशियल, आईआईएफएल कैपिटल, एचएसबीसी और एक्सिस कैपिटल जैसे बड़े दिग्गज बुक रनिंग लीड मैनेजर्स की भूमिका निभा रहे हैं. 

जेप्टो की कमाई और घाटे का क्या हाल है?

कंपनी के बिजनेस का दायरा बहुत तेजी से बढ़ा है, लेकिन कमाई के साथ-साथ घाटा भी भारी-भरकम हुआ है.  पिछले तीन साल के वित्तीय आंकड़े कुछ इस तरह हैं:

कमाई (Operational Revenue):

  • FY 2024: 44,545.16 मिलियन रुपये 
  • FY 2025: 1,11,099.47 मिलियन रुपये 
  • FY 2026 (31 मार्च तक): 2,26,235.84 मिलियन रुपये (सालाना जबरदस्त बढ़त)

नेट नुकसान (Net Loss):

  • FY 2024: 12,147.94 मिलियन रुपये 
  • FY 2025: 46,997.14 मिलियन रुपये 
  • FY 2026: 59,051.92 मिलियन रुपये (कमाई बढ़ने के साथ घाटा भी बढ़ा है)

इतना भारी खर्च और नुकसान क्यों हो रहा है?

जेप्टो के घाटे की सबसे बड़ी वजह सामान की खरीदारी और उसका डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट है.  31 मार्च 2026 को खत्म हुए वित्तीय वर्ष में कंपनी का कुल खर्च बढ़कर ₹2,90,267.46 मिलियन पहुंच गया (जो कि पिछले साल ₹1,62,410.69 मिलियन था). इस खर्च का एक बहुत बड़ा हिस्सा, यानी ₹1,84,849.75 मिलियन सिर्फ बेचने वाले सामानों की खरीद (purchase of traded goods) पर खर्च हुआ है. 

आने वाले कुछ महीनों में यह IPO मार्केट में दस्तक दे सकता है. डिलीवरी की दुनिया में तेजी से पैर पसार रही इस कंपनी के IPO पर अब हर बड़े और छोटे इन्वेस्टर्स की नजर टिकी हुई है. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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