₹11,000 करोड़ का IPO ला रहा Zepto, Swiggy-Zomato को मिलेगी कड़ी टक्कर

Zepto IPO: जुलाई में आएगा Zepto का 11,000 करोड़ रुपये का IPO. सेबी से मिली मंजूरी. जानिए Blinkit और Swiggy को टक्कर देने के लिए क्या है कंपनी का अलग और बड़ा मास्टर प्लान.

Zepto IPO: क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म Zepto के ग्राहकों और शेयर बाजार के इन्वेस्टर्स के लिए एक बड़ी खबर है. Zepto इस साल जुलाई में अपना 11,000 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है. हाल ही में इस महीने की शुरुआत में कंपनी को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Sebi) से मंजूरी मिल चुकी है. अब कंपनी जल्द ही अपना अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (UDRHP) रेगुलेटर के पास जमा करेगी. 

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ड्रॉपआउट आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा द्वारा शुरू किया गया यह डिलीवरी ऐप 31 जुलाई से पहले शेयर बाजार (bourses) में लिस्ट होने का लक्ष्य लेकर चल रहा है. इस लिस्टिंग के बाद Zepto अपने प्रतिद्वंदी Zomato और Swiggy के क्लब में शामिल हो जाएगा, जो पहले से ही शेयर बाजार में लिस्टेड हैं. कंपनी ने दिसंबर 2025 में कॉन्फिडेंशियल रूट के जरिए आईपीओ के लिए पेपर फाइल किए थे. 

Zepto का क्या है नया और अलग प्लान?

ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, Zepto अपने मुकाबले वाली कंपनियों से बिल्कुल अलग रणनीति पर काम कर रहा है. जहां दूसरी कंपनियां तेजी से नए शहरों में पैर पसार रही हैं, वहीं Zepto का पूरा ध्यान मार्केट डेंसिटी (बाजार के घनत्व) और ऑपरेशनल इंटेंसिटी पर है. इसका मतलब है कि Zepto नए शहरों में भागने के बजाय उन शहरों में अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है जहां वह पहले से मौजूद है. Zepto के पास इस समय क्विक कॉमर्स सेक्टर में सबसे ज्यादा डार्क-स्टोर कंसंट्रेशन है. कंपनी हर शहर में औसतन 21 डार्क स्टोर चलाती है, जबकि इसके मुकाबले वाली कंपनियों के पास प्रति शहर सिर्फ 9 स्टोर हैं. वर्तमान में Zepto 61 शहरों में 1,255 डार्क स्टोर का संचालन करता है. इसके विपरीत, इसकी प्रतिद्वंदी कंपनी Blinkit 243 शहरों में 2,222 स्टोर्स के साथ फैली हुई है. 

मेट्रो शहरों पर क्यों है इतना भरोसा?

बर्नस्टीन के विश्लेषण के मुताबिक, Zepto का नेटवर्क पूरी तरह से मेट्रो बाजारों में केंद्रित है. कंपनी का मानना है कि घने शहरी इलाकों में गहरी पैठ बनाने से डिलीवरी की रफ्तार तेज होती है, ग्राहक बार-बार ऑर्डर करते हैं और ग्राहकों का जुड़ाव मजबूत होता है. Zepto केवल ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) बढ़ाने के लिए नए बाजारों की तरफ नहीं भाग रहा, बल्कि कम बाजारों में ही अपनी उपयोगिता और ऑपरेशनल लीवरेज को मजबूत कर रहा है. इस रणनीति से कंपनी को व्यापक लेकिन पतली राष्ट्रीय कवरेज के मुकाबले बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स (मुनाफा कमाने की स्थिति) मिलने की उम्मीद है. 

कैसी है कंपनी की फाइनेंशियल सेहत?

पब्लिक मार्केट में कदम रखने से पहले Zepto को प्राइवेट फंडिंग का भी भारी सपोर्ट मिला है. अक्टूबर 2025 में कंपनी ने कैलिफोर्निया पब्लिक एम्प्लॉइज रिटायरमेंट सिस्टम (CalPERS) की अगुवाई में 450 मिलियन डॉलर (लगभग 3,757.5 करोड़ रुपये) का फंड जुटाया था, जिसके बाद कंपनी की वैल्यूएशन 7 बिलियन डॉलर हो गई थी. इससे पहले, अगस्त 2023 में 200 मिलियन डॉलर की सीरीज ई फंडिंग के बाद Zepto 1.4 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन के साथ यूनिकॉर्न बना था. बाजार एक्सपर्ट्स की नजर अब इसके जुलाई आईपीओ पर टिकी हुई है. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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