Inflation Rate: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी अनंतिम (Provisional) आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में थोक महंगाई दर में वार्षिक आधार पर वृद्धि दर्ज की गई है. इस उछाल का मुख्य कारण कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, बुनियादी धातुओं और विनिर्मित उत्पादों (Manufactured Products) की कीमतों में आई तेजी है. फरवरी 2026 की तुलना में, थोक मूल्यों की गति और तीव्र हुई है, जहाँ मासिक आधार पर सूचकांक में 1.64 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई.
कच्चे तेल का बड़ा असर
प्राथमिक वस्तुओं (Primary Articles) के समूह का सूचकांक फरवरी के 192.9 से बढ़कर मार्च में 197.3 हो गया. इस समूह में सबसे बड़ी हलचल ‘कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस’ में देखी गई, जिसकी कीमतों में एक महीने के भीतर 36.16 प्रतिशत का जबरदस्त उछाल आया.
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इसी समूह के भीतर खाद्य वस्तुओं (-0.85%) और गैर-खाद्य वस्तुओं (-0.22%) की कीमतों में मासिक आधार पर मामूली गिरावट दर्ज की गई.
ऊर्जा लागत में उछाल
ईंधन और बिजली (Fuel & Power) समूह के सूचकांक में 4.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई. इस बढ़ोतरी को मुख्य रूप से ‘मिनरल ऑयल्स’ ने हवा दी, जिनकी कीमतें 8.77 प्रतिशत बढ़ गईं. हालांकि, बिजली की कीमतों में आई 5.07 प्रतिशत की गिरावट ने ऊर्जा क्षेत्र के कुल महंगाई दबाव को थोड़ा कम करने में मदद की.
व्यापक स्तर पर बढ़त
विनिर्मित उत्पादों (Manufactured Products) का समूह, जिसका WPI में सबसे अधिक 64.23% भार है, उसमें भी 0.88 प्रतिशत की मासिक वृद्धि देखी गई. 22 प्रमुख औद्योगिक समूहों में से 16 में कीमतों में बढ़त दर्ज की गई, जिनमें खाद्य उत्पाद, रसायन, बुनियादी धातु और कपड़ा क्षेत्र प्रमुख रहे. दूसरी ओर, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और पेय पदार्थों की कीमतों में मार्च के दौरान कुछ कमी आई है.
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