गेहूं, आटा और मैदा के एक्सपोर्ट पर हटी रोक, DGFT ने बदले एक्सपोर्ट नियम

गेहूं और गेहूं से जुड़े प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर लगी रोक हट गई है. जानें DGFT के इस फैसले में कौन-कौन से प्रोडक्ट शामिल हैं.

सरकार ने गेहूं और गेहूं से जुड़े कई प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट को लेकर अहम फैसला लिया है. अब तय एचएस कोड के तहत आने वाले गेहूं, ड्यूरम गेहूं और गेहूं के आटे से जुड़े प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर लगी रोक हटा दी गई है. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने 24 अगस्त को इस संबंध में दो नोटिफिकेशन जारी किए हैं. यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है. 

इस फैसले का सीधा मतलब है कि इन प्रोडक्ट को अब एक्सपोर्ट के लिए प्रतिबंधित कैटेगरी में नहीं रखा जाएगा. इससे गेहूं और इससे जुड़े प्रोडक्ट का कारोबार करने वाले एक्सपोर्टर्स के लिए विदेशों में बिक्री का रास्ता खुल गया है. 

गेहूं के एक्सपोर्ट को लेकर क्या बदला?

DGFT ने नोटिफिकेशन नंबर 35/2026-27 के जरिए तय एचएस कोड के तहत आने वाले गेहूं की एक्सपोर्ट पॉलिसी को ‘Prohibited’ से ‘Free’ कर दिया है. 

इसमें दो कैटेगरी शामिल हैं:

  • ड्यूरम गेहूं — ITC (HS) Code 10011900
  • गेहूं — ITC (HS) Code 10019910

पहले इन दोनों के एक्सपोर्ट पर रोक वाली कैटेगरी लागू थी. अब इन्हें फ्री एक्सपोर्ट कैटेगरी में डाल दिया गया है. 

आटा और मैदा के एक्सपोर्ट पर क्या फैसला हुआ?

सरकार ने सिर्फ गेहूं ही नहीं, बल्कि गेहूं के आटे और उससे जुड़े प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट नियम भी बदल दिए हैं.  DGFT के 24 अगस्त के दूसरे नोटिफिकेशन नंबर 34/2026-27 के मुताबिक, ITC (HS) Code 11010000 के तहत आने वाले प्रोडक्ट की एक्सपोर्ट पॉलिसी भी ‘Prohibited’ से ‘Free’ कर दी गई है. 

इस कैटेगरी में शामिल हैं:

  • आटा
  • मैदा
  • सूजी या रवा
  • होलमील आटा
  • रिजल्टेंट आटा

यानी इन प्रोडक्ट का कारोबार करने वाले कारोबारी अब इन्हें एक्सपोर्ट करने के लिए पहले वाली प्रतिबंधित कैटेगरी का सामना नहीं करेंगे. 

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By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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