Vande Bharat Train: बिहार-झारखंड में ‘वंदे भारत’ ट्रेन जून से दौड़ेगी पटरी पर, जानें लेटेस्ट अपडेट

Vande Bharat Train Bihar and Jharkhand : अगले साल फरवरी-मार्च तक तीन तरह की ‘वंदे भारत’ ट्रेन चलेगी. जानें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘वंदे भारत’ ट्रेन को लेकर क्या दी जानकारी

Vande Bharat Train Bihar and Jharkhand : यदि आप बिहार या झारखंड में रहते हैं तो जरूर आप भी ‘वंदे भारत’ ट्रेन का इंतजार कर रहे होंगे जो कुछ दिनों के बाद पटरी पर दौड़ने वाली है. हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है लेकिन रेल मंत्री ने जो बात कही है उसके अनुसार, ‘वंदे भारत’ ट्रेन जून के महीने में दोनों प्रदेशों में चलने लगेगी. दरअसल, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि जून के मध्य तक हर राज्य को वंदे भारत ट्रेन मिल जाएगी.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा है कि अगले साल फरवरी-मार्च तक वंदे भारत ट्रेन के तीन प्रारूप- वंदे चेयर कार, वंदे मेट्रो और वंदे शयनयान होंगे. शताब्दी, राजधानी और लोकल ट्रेन की जगह लेने की तैयारी कर रही ये स्वदेशी ‘सेमी-हाई स्पीड’ ट्रेन चेन्नई के कोच निर्माण कारखाने में बनायी जा रही हैं. जून के मध्य तक यानी 15 जून तक हर राज्य में वंदे भारत ट्रेन दौड़ने लगेगी.

तीनों प्रारूप फरवरी-मार्च तक तैयार हो जायेंगे

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि वंदे भारत ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए अगले तीन से चार साल में रेल पटरियों को उन्नत बनाने का काम जारी है. उन्होंने कहा कि वंदे भारत के तीन प्रारूप हैं. सौ किलोमीटर से कम की यात्रा के लिए वंदे मेट्रो, 100-550 किलोमीटर के लिए वंदे चेयर कार और 550 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए वंदे स्लीपर. ये तीनों प्रारूप फरवरी-मार्च तक तैयार हो जायेंगे.

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जून के मध्य तक हर राज्य को वंदे भारत ट्रेन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जून के मध्य तक हर राज्य को वंदे भारत ट्रेन मिल जाएगी. इन ट्रेनों के निर्माण में तेजी लायी जा रही है. उन्होंने कहा कि हर आठवें या नौवें दिन कारखाने से एक नई ट्रेन निकल रही है. दो और कारखानों में काम शुरू होने जा रहा है. इन कारखानों की आपूर्ति श्रृंखला स्थिर होने के बाद हमारे पास एक नई ट्रेन आएगी. वंदे भारत रेलगाड़ियों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति के साथ तैयार किया गया है, लेकिन वे पटरी की क्षमता के अनुसार 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से चलेंगी.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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