UPI New Rules 2026: अगर आप भी सुबह की चाय से लेकर रात के डिनर तक का पेमेंट UPI से करते हैं, तो यह खबर आपके लिए सबसे जरूरी है. सरकार और NPCI ने 1 फरवरी 2026 से डिजिटल लेनदेन के कायदे बदल दिए हैं. ये नए नियम न केवल आपके समय की बचत करेंगे, बल्कि ऑनलाइन फ्रॉड पर भी लगाम लगाएंगे.
10 सेकंड का डेडलाइन नियम
अब पेमेंट अटकने की टेंशन खत्म! नए नियमों के मुताबिक, हर UPI ऐप और बैंक को लेनदेन की प्रक्रिया 10 सेकंड के भीतर पूरी करनी होगी. पहले यह समय 30 सेकंड था। अगर इस दौरान रिस्पॉन्स नहीं मिलता, तो सिस्टम उसे तुरंत अपडेट करेगा. इससे ‘Processing’ या ‘Pending’ पेमेंट का झंझट खत्म हो जाएगा.
नहीं चल रही UPI IDs हो जाएगी बंद
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने Dormant IDs (जो लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुई हैं) को बंद करने का फैसला लिया है. अगर आपकी कोई पुरानी यूपीआई आईडी है जिससे महीनों से कोई ट्रांजैक्शन नहीं हुआ, तो उसे डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा. इसे दोबारा शुरू करने के लिए आपको फिर से वेरिफिकेशन करना होगा.
ऑटो-पे पर आपका पूरा कंट्रोल
अक्सर ओटीटी या बिजली बिल के लिए ऑटो-पे सेट करने के बाद उसे बंद करना मुश्किल होता था. अब नए नियमों के तहत:
- आप जब चाहें अपने ऐप से किसी भी Subscription को देख और कैंसिल कर सकते हैं.
- बिना आपकी स्पष्ट अनुमति के कोई भी ‘हिडन चार्ज’ नहीं कटेगा.
फेल ट्रांजैक्शन का क्विक सॉल्यूशन
अब पैसा अटकने पर बैंक आपको गोल-गोल नहीं घुमा पाएंगे. नए नियमों में बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे रियल-टाइम अपडेट दें कि पैसा कहाँ अटका है और कितने घंटों में वापस आएगा.
क्यों बदला गया सिस्टम?
भारत का UPI अब एक ग्लोबल ब्रांड बन चुका है, इसलिए इसकी सुरक्षा और स्पीड बढ़ाना जरूरी था:
- इस साल 230 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ.
- ग्लोबल रियल-टाइम पेमेंट मार्केट में 49% हिस्सेदारी के साथ भारत नंबर 1 है.
- फ्रांस, यूएई और सिंगापुर समेत अब 8 देशों में आप UPI चला सकते हैं.
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