Upcoming IPO: नैक पैकेजिंग समेत 4 कंपनियों के जल्द आएंगे आईपीओ, सेबी से मिली मंजूरी

Upcoming IPO: भारत के शेयर बाजार में हलचल तेज हो वाली है. सेबी ने नैक पैकेजिंग, शिवालय कंस्ट्रक्शन, वारमोरा ग्रैनिटो और बिहारी लाल इंजीनियरिंग सहित चार कंपनियों के आईपीओ को मंजूरी दे दी है. इन कंपनियों के जरिए 1,400 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए जाने की उम्मीद है. विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले हफ्तों में नए आईपीओ बाजार में निवेशकों के लिए मौके और जोखिम दोनों लेकर आ सकते हैं.

Upcoming IPO: भारत के शेयर बाजार में एक बार फिर हलचल तेज होने वाली है. नैक पैकेजिंग और शिवालय कंस्ट्रक्शन समेत कुल चार कंपनियों को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की ओर से मंजूरी मिल गई है. बाजार नियामक के आंकड़ों के अनुसार, इन चारों कंपनियों के आईपीओ के जरिए कुल मिलाकर 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाए जाने की संभावना है.

सेबी की मंजूरी का क्या है मतलब

इन कंपनियों ने अगस्त से सितंबर के बीच अपने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) सेबी के पास दाखिल किए थे. 15 से 26 दिसंबर के बीच सेबी की ओर से इन दस्तावेजों पर टिप्पणियां जारी की गईं. सेबी की प्रक्रिया में टिप्पणियां मिलने का मतलब होता है कि कंपनी को आईपीओ लाने की नियामकीय अनुमति मिल गई है और अब वह अपने इश्यू की तारीख तय कर सकती है.

नैक पैकेजिंग का आईपीओ

पैकेजिंग समाधान देने वाली कंपनी नैक पैकेजिंग के आईपीओ में कुल 475 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है. इसके साथ ही 70 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश (ओएफएस) भी की जाएगी. यह कंपनी औद्योगिक और उपभोक्ता पैकेजिंग से जुड़े उत्पादों और समाधानों के लिए जानी जाती है. आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग क्षमता विस्तार, कर्ज चुकाने और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए किया जाएगा.

शिवालय कंस्ट्रक्शन का निर्गम

शिवालय कंस्ट्रक्शन के आईपीओ में 450 करोड़ रुपये के नए शेयरों का इश्यू शामिल है. इसके अलावा, 2.48 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश भी की जाएगी. कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट से जुड़े प्रोजेक्ट्स में सक्रिय है. आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल नए प्रोजेक्ट्स, वर्किंग कैपिटल और कर्ज में कमी के लिए किया जा सकता है.

वारमोरा ग्रैनिटो: टाइल्स सेक्टर की दावेदारी

टाइल्स और बाथरूम से जुड़े उत्पाद बनाने वाली वारमोरा ग्रैनिटो के प्रस्तावित आईपीओ में 400 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू शामिल है. इसके साथ ही, प्रमोटर्स और निवेशक कस्तूरा इन्वेस्टमेंट्स की ओर से 5.24 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश की जाएगी. यह कंपनी सिरेमिक और सैनिटरीवेयर सेगमेंट में अपनी मजबूत मौजूदगी के लिए जानी जाती है.

बिहारी लाल इंजीनियरिंग का आईपीओ

बिहारी लाल इंजीनियरिंग के आईपीओ में 110 करोड़ रुपये का नया शेयर इश्यू और 78.54 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री पेशकश शामिल है. ओएफएस में प्रमोटर्स और निवेशक शेयरधारक एसजी टेक इंजीनियरिंग अपने शेयर बेचेंगे. कंपनी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कामकाज में सक्रिय है.

इन्फिफ्रेश फूड्स ने वापस लिया आवेदन

इस बीच, इन्फिफ्रेश फूड्स ने अपना आईपीओ आवेदन वापस ले लिया है. कंपनी ने अगस्त में गोपनीय मार्ग से सेबी के पास ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे, लेकिन फिलहाल उसने सार्वजनिक निर्गम की योजना टाल दी है.

इसे भी पढ़ें: रिलायंस-बीपी की मुश्किलें बढ़ीं, केजी-डी6 विवाद में सरकार ने मांगा 30 अरब डॉलर का मुआवजा

निवेशकों के लिए क्या मायने

इन चारों आईपीओ को मिली मंजूरी से संकेत मिलता है कि आने वाले हफ्तों में शेयर बाजार में अच्छी गतिविधि देखने को मिल सकती है. हालांकि, निवेशकों को किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार और जोखिमों का सावधानीपूर्वक आकलन करना जरूरी होगा.

इसे भी पढ़ें: Sona Chandi Bhav: चांदी की तूफानी तेजी पर लग गया ब्रेक, सोने की चमक पड़ी फीकी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >