Transparent Taxation, Pm Narendra modi, pm modi live streaming: ईमानदार करदाताओं की कई मौकों पर तारीफ कर चुके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उन्हें एक खास सौगात दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश के ईमानदार करदाताओं के लिए नया प्लेटफॉर्म ‘पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान’( ट्रांसपेरेंट टैक्सेशन- ऑनरिंग द ऑनेस्ट लॉन्च किया) . इसमें फेसलेस एसेसमेंट, अपील और टैक्सपेयर चार्टर जैसे बड़े रिफॉर्म हैं. फेसलेस एसेसमेंट और टैक्सपेयर चार्टर आज से ही लागू हो गए हैं. फेसलेस अपील 25 सितंबर यानी दीनदयाल उपाध्यान जन्मदिवस से देशभर में लागू हो जाएगी. पीएम मोदी ने कहा कि देश में चल रहा संगठनात्मक बदलाव का सिलसिला आज एक नए पड़ाव पर पहुंचा है.
पीएम मोदी बोले- शॉर्टकट से बचना चाहिए
पीएम मोदी ने कहा कि कि गलत तौर-तरीके सही नहीं है और छोटे रास्ते नहीं अपनाना चाहिए. हर किसी को कर्तव्यभाव को आगे रखते हुए काम करना चाहिए. पीएम ने कहा कि पॉलिसी स्पष्ट होना, ईमानदारी पर भरोसा, सरकारी सिस्टम में टेक्नोलॉजी का प्रयोग, सरकारी मशीनरी का सही उपयोग करना और सम्मान करना. पहले रिफॉर्म की बातें होती थीं, कुछ फैसले मजबूरी-दबाव में लिए जाते थे जिससे परिणाम नहीं मिलता था. उन्होंने कहा कि आज देश में रिफॉर्म लगातार किया जा रहा है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में देश आगे बढ़ा रहा है. कोरोना संकट में भी देश में रिकॉर्ड एफडीआई का आना इसी का उदाहरण है. पीएम ने कहा कि देश के साथ छल करने वाले कुछ लोगों की पहचान के लिए बहुत लोगों को परेशानी से गुजरना पड़ा, ऐसे में साठगांठ की व्यवस्था बन गई. इसी चक्कर के कारण ब्लैक-व्हाइट का उद्योग बढ़ा.
क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत
पीएम ने कहा कि पहले 10 लाख का मामला भी अदालत में चला जाता था, लेकिन अब हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट में जाने वाले मामले की सीमा क्रमश: 1-2 करोड़ की गई है. अब फोकस अदालत से बाहर ही मामलों को सुलझाने पर है.‘विवाद से विश्वास’ जैसी योजना से कोशिश ये है कि ज्यादातर मामले कोर्ट से बाहर ही सुलझ जाएं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के टैक्स सिस्टम में आधारभूत और ढांचागत बदलाव की जरूरत इसलिए थी क्योंकि हमारा आज का ये सिस्टम गुलामी के कालखंड में बना और फिर धीरे धीरे इनवॉल्व हुआ. आज़ादी के बाद इसमें यहां वहां थोड़े बहुत परिवर्तन किए गए, लेकिन बड़े तंत्र का कैरेक्टर वही रहा.
1.5 करोड़ करोड़ लोग ही भरते हैं टैक्स
पीएम मोदी ने कहा कि 2012-13 में जितने रिटर्न फाइल होते थे, उनमें से 0.94% की स्क्रूटिनी होती थी. 2018-19 में ये घटकर 0.26% पर आ गई यानी चार गुना कम हुई है. रिटर्न भरने वालों की संख्या में बीते सालों में करीब 2.5 करोड़ की बढ़ोतरी हुई है.लेकिन इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि इसके बावजूद 130 करोड़ लोगों के देश में ये बहुत कम है. सिर्फ 1.5 करोड़ साथी ही इनकम टैक्स जमा करते हैं. आपसे आग्रह करूंगा कि इस पर हम सब को चिंतन करने की जरूरत है. ये आत्मनिर्भर भारत के लिए जरूरी है.
टैक्सपेयर्स चार्टर क्या है
प्रधानमंत्री ने टैक्सपेयर्स चार्टर लागू करने का ऐलान किया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले बजट में टैक्सपेयर्स चार्टर लाने का ऐलान किया था. पिछले हफ्ते भी उन्होंने इस चार्टर को जल्द लागू करने के संकेत दिए थे. टैक्सपेयर्स चार्टर का मकसद करदाताओं और इनकम टैक्स विभाग के बीच विश्वास बढ़ाना, टैक्सपेयर्स की परेशानी कम करना और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना होता है. इस समय दुनिया के सिर्फ तीन देशों- अमेरिका, कनाडा और आस्ट्रेलिया में ही यह लागू है.
पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि कहा कि इससे कर व्यवस्था में सुधार करने और इसे आसान बनाने के हमारे प्रयासों को बल मिलेगा. साथ ही लिखा कि इससे ईमानदार करदाताओं को लाभ मिलेगा जिनकी कड़ी मेहनत से देश की प्रगति को ताकत मिलती है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी ट्विटर के जरिए इस योजना को भारत के लिए सरल और पारदर्शी कराधान व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है. केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण और वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर भी उपस्थित हैं.
डीएनए के मुताबिक, पिछले करीब 3-4 हफ्तों से पीएम मोदी वरिष्ठ टैक्स अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं. इन बैठकों से वह इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि देश में एक पारदर्शी टैक्सेशन की जरूरत है. इन बैठकों में आयकर रिटर्न को लेकर काफी चर्चा हुई है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी के नए प्रोग्राम का मुख्य फोकस इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स पर होगा. वित्त वर्ष 2020-21 के बजट में करदाताओं के लिये चार्टर (घोषणापत्र) का ऐलान किया गया. इसके तहत उन्हें सांविधिक दर्जा दिए जाने और आयकर विभाग द्वारा नागरिकों को समयबद्ध सेवा के जरिये अधिकार संपन्न बनाये जाने की उम्मीद है.
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प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि आयकर विभाग के अधिकारियों एवं पदाधिकारियों के अलावा विभिन्न वाणिज्य मंडलों, व्यापार संघों एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट संघों के साथ-साथ जाने-माने करदाता भी इस आयोजन में शामिल होंगे. बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ‘पारदर्शी कराधान – ईमानदार का सम्मान’ के लिए जो प्लेटफॉर्म लॉन्च करेंगे, वह प्रत्यक्ष कर सुधारों की यात्रा को और भी आगे ले जाएगा.
Posted By: Utpal kant
