टमाटर ने प्याज को पछाड़ा, कीमत आपकी जेब पर पड़ेगी भारी...

प्याज और टमाटर की कीमतों में इन दिनों रस्साकशी जारी है. कभी प्याज टमाटर को पछाड़ता है, तो कभी टमाटर प्याज को. इस बार मानसून की बारिश में टमाटर ने प्याज को पछाड़ दिया है. यह बात दीगर है कि प्याज की कीमतों को काबू करने के लिए सरकार ने उसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन घरेलू सब्जी मंडियों में टमाटर अब भी प्याज पर हावी है. देश के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश से टमाटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है और यही वजह है कि माल्दा, एजल और इंफाल में इसकी खुदरा कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गयी है.

नयी दिल्ली : प्याज और टमाटर की कीमतों में इन दिनों रस्साकशी जारी है. कभी प्याज टमाटर को पछाड़ता है, तो कभी टमाटर प्याज को. इस बार मानसून की बारिश में टमाटर ने प्याज को पछाड़ दिया है. यह बात दीगर है कि प्याज की कीमतों को काबू करने के लिए सरकार ने उसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन घरेलू सब्जी मंडियों में टमाटर अब भी प्याज पर हावी है. देश के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में भारी बारिश से टमाटर की आपूर्ति प्रभावित हुई है और यही वजह है कि माल्दा, एजल और इंफाल में इसकी खुदरा कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गयी है.

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को देश में टमाटर की औसत खुदरा कीमत 50 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जबकि अधिकतम कीमत 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गयी. मंत्रालय की ओर से देशभर के 114 बाजार केंद्रों में 22 अनिवार्य वस्तुओं की कीमत पर नजर रखी जाती है. इसमें आलू, टमाटर और प्याज प्रमुखता से शामिल हैं.

मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में मंगलवार को आलू और प्याज की औसत कीमत 35 रुपये प्रति किलोग्राम रही, जबकि अधिकतम कीमत 60 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गयी. आलू, प्याज और टमाटर लगभग हर भारतीय रसोई का हिस्सा है और आलू तो खास करके सब्जियों का राजा है. आलू हर भारतीय की प्रिय सब्जी है. इसके बिना रसोई की सब्जी फीकी पड़ जाती है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के चार महानगर दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई में टमाटर की कीमत क्रमश: 63 रुपये, 68 रुपये, 80 रुपये और 50 रुपये प्रति किलोग्राम रही. हालांकि, सब्जी और फेरीवाले इत्यादि सरकारी दाम से ज्यादा भाव पर ही टमाटर की बिक्री कर रहे हैं.

इस साल दक्षिण भारत और महाराष्ट्र में टमाटर की फसल कम रहने की आशंका है. कोविड-19 महामारी के दौरान कीमतों को लेकर अनिश्चितता के चलते इस बार किसानों ने कम रकबे पर टमाटर की खेती की है. इस बीच सरकार ने सोमवार को प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है.

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Posted By : Vishwat Sen

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