Time Magazine की परोपकारी सूची में भारतीयों की दमदार मौजूदगी, मुकेश अंबानी, अजीम प्रेमजी और निखिल कामत शामिल

Time Magazine Top Donors: टाइम मैगजीन की पहली ‘TIME100 Philanthropy 2025’ सूची में भारतीय हस्तियों ने खास जगह बनाई है. मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, अजीम प्रेमजी और निखिल कामत को परमार्थ और समाज सेवा में उनके योगदान के लिए इस वैश्विक सूची में शामिल किया गया है. इस सूची में भारतीय परोपकार की प्रभावशाली मौजूदगी विश्व मंच पर देश की सामाजिक पहलों की सशक्त पहचान को दर्शाती है, जो प्रेरणादायक और गर्व का विषय है.

Time Magazine Top Donors: प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पत्रिका टाइम ने अपनी पहली ‘TIME100 Philanthropy 2025’ सूची जारी की है, जिसमें भारतीयों ने दमदार मौजूदगी दर्ज की है. इस सूची में परमार्थ और समाज सेवा के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर प्रभाव डालने वाले 100 लोगों को शामिल किया गया है. इस सूची में भारत से चार प्रमुख हस्तियों को स्थान मिला है, इसमें मुकेश अंबानी, नीता अंबानी, अजीम प्रेमजी और निखिल कामत शामिल हैं.

अंबानी दंपति की समाजसेवा को वैश्विक मान्यता

मुकेश अंबानी और नीता अंबानी को इस सूची में शामिल करते हुए टाइम पत्रिका ने उनके रिलायंस फाउंडेशन के जरिए किए गए व्यापक सामाजिक कार्यों की प्रशंसा की है. 2024 में अंबानी दंपति ने 407 करोड़ रुपये (लगभग 48 मिलियन डॉलर) का दान दिया, जिससे वे न केवल भारत बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अग्रणी दानदाताओं में शुमार हो गए.

रिलायंस फाउंडेशन की मुख्य पहल

  • आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छात्रवृत्तियां
  • महिलाओं को करियर-उन्मुख प्रशिक्षण
  • ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि, जल संरक्षण और स्कूलों के लिए सहायता
  • अस्पतालों का निर्माण व दृष्टिहीनों के लिए सहयोग

अजीम प्रेमजी भारत के सबसे बड़े परोपकारी दानदाता

टाइम पत्रिका ने विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी को भारत के सबसे उदार परोपकारी व्यक्तियों में से एक बताया है. प्रेमजी ने 2013 में ‘गिविंग प्लेज’ पर हस्ताक्षर किए और अपनी कंपनी के 29 अरब डॉलर से अधिक के शेयर प्रेमजी फाउंडेशन को दान में दे दिए. यह फाउंडेशन भारत में सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए कार्य करता है.

निखिल कामत सबसे युवा ‘गिविंग प्लेज’ हस्ताक्षरकर्ता

जीरोधा के सह-संस्थापक निखिल कामत को भी TIME100 सूची में स्थान मिला है. वे 2023 में 36 वर्ष की उम्र में ‘गिविंग प्लेज’ पर हस्ताक्षर करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए. उन्होंने पर्यावरण और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं में लाखों डॉलर का दान दिया और ‘यंग इंडिया फिलैंथ्रॉपिक प्लेज (YIPP)’ की शुरुआत की. इसके तहत, 45 साल से कम उम्र के भारतीय करोड़पतियों से अपनी संपत्ति का कम से कम 25% दान करने की अपील की गई है.

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विश्व स्तर पर भारतीय परोपकार की गूंज

इस सूची में डेविड बेकहम, वारेन बफे, मेलिंडा गेट्स, ओप्रा विन्फ्रे, माइकल ब्लूमबर्ग, प्रिंस विलियम और जैक मा जैसी हस्तियां भी शामिल हैं. भारतीय हस्तियों की यह उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि भारत का परोपकारी योगदान अब वैश्विक स्तर पर एक मजबूत पहचान बना रहा है.

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लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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