Alert: 1 मार्च से बदल रहे हैं ये नियम, SBI खाताधारक चूके, तो अकाउंट बंद

1 मार्च से कई नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका आप पर सीधा असर पड़ने वाला है.

1 मार्च से कई नियम बदलने जा रहे हैं, जिनका आप पर सीधा असर पड़ने वाला है. ये नियम आपके बैंक खाते से लेकर आपके वाहन तक जुड़े हैं. आइए जान लें, 1 मार्च से कौन सा नियम बदलेगा और उसका आप पर क्या असर होगा.

SBI वाले ध्यान दें

एसबीआई के जिन खाताधारकों ने अपनी केवाईसी पूरी नहीं की होगी, वे 1 मार्च से रकम की निकासी नहीं कर पायेंगे. बैंक ने अपने ग्राहकों से कहा था कि वे 28 फरवरी तक केवाईसी जरूर पूरा कर लें. बैंक ने कहा था कि केवाईसी पूरा न करने वाले ग्राहकों का खाता ब्लॉक कर दिया जाएगा, जिससे वे किसी तरह का लेनदेन नहीं कर पाएंगे.

फास्टैग नहीं रहेगा मुफ्त

मुफ्त में फास्टैग की सुविधा 29 फरवरी को खत्म हो रही है और 1 मार्च से आपको इसके लिए पेमेंट करना होगा. केंद्र सरकार ने लोगों की सहूलियत तथा राजस्व बढ़ाने को लेकर 15 फरवरी से लेकर 29 फरवरी तक फास्टैग मुफ्त में बांटने का फैसला किया था. अब 100 रुपये चुकाने के बाद आपको फास्टैग मिलेगा.

लॉटरी पर जीएसटी

1 मार्च से लॉटरी पर जीएसटी का नया नियम लागू होगा. नये नियम के अनुसार, अब लॉटरी पर 28% जीएसटी लगाया जाएगा. दिसंबर 2019 में जीएसटी काउंसिल ने फैसला किया था कि सभी राज्यों में सरकार से मान्यता प्राप्त जो लॉटरी चलायी जा रही है उन पर 28 फीसदी जीएसटी लगाया जाएगा.

2000 के नोट

1 मार्च से इंडियन बैंक के एटीएम से 2000 के नोट निकलने बंद हो जाएंगे. बैंक के मुताबिक उसके एटीएम में 2000 के नोट रखने वाले कैसेट्स को डिसएबल कर दिया जाएगा. बैंक अब 2000 के नोट के बदले एटीएम में 200 के नोट डालेगा. अगर किसी को 2000 रुपये के नोट की जरूरत होगी, तो वह बैंक की शाखा में जाकर प्राप्त कर सकता है.

बदल डालें पुराना ऐप

1 मार्च से एचडीएफसी बैंक का पुराना ऐप काम नहीं करेगा. पुराने मोबाइल एेप में कई तकनीकी खराबी आयी थी, जिससे यूजर्स को पैसे भेजने में परेशानी का सामना करना पड़ा था. पिछले कुछ महीनों से बैंक के नये और पुराने दोनों ऐप प्ले स्टोर पर मौजूद थे. अगर आपके स्मार्टफोन में पुराना ऐप है, तो उसे अनइंस्टॉल कर नया ऐप डाउनलोड कर लें.

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Author: Rajeev Kumar

Published by: Prabhat Khabar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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