टैक्स बचाने का आखिरी मौका! 31 मार्च से पहले कर लें जरूरी निवेश, वरना नहीं मिलेगी छूट

Tax Saving: 31 मार्च 2025 से पहले टैक्स-सेविंग इन्वेस्टमेंट पूरा करें और अधिकतम छूट का लाभ उठाएं. सेक्शन 80C, 80D और NPS के तहत टैक्स बचाने के बेहतरीन विकल्पों का चुनाव करें. सही निवेश करके अपनी टैक्स देनदारी कम करें और वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करें.

Tax Saving: फाइनेंशियल ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स जमा करने का महीना चल रहा है. आपके पास टैक्स बचाने की खातिर निवेश करने के लिए केवल 10 दिन बचे हुए हैं. 31 मार्च 2025 टैक्स जमा करने की आखिरी तारीख है. अगर आप इस फाइनेंशियल ईयर में टैक्स बचाना चाहते हैं, तो अब सिर्फ 10 दिन बचे हैं. 31 मार्च 2025 तक आपको सभी टैक्स-सेविंग इन्वेस्टमेंट पूरे करने होंगे, वरना आप टैक्स छूट का लाभ नहीं उठा पाएंगे.

इन पर ध्यान देना जरूरी

  • टैक्स बचाने की सुविधा केवल ओल्ड टैक्स रीजीम में उपलब्ध है.
  • सही निवेश चुनें और टैक्स-सेविंग के साथ लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल गोल्स को भी पूरा करें.
  • सेक्शन 80सी में 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट के विकल्प
  • ELSS (Equity Linked Savings Scheme): टैक्स सेविंग के साथ लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन
  • PPF (Public Provident Fund): गारंटीड रिटर्न और टैक्स-फ्री ब्याज
  • सुकन्या समृद्धि योजना: बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए
  • टैक्स-सेविंग एफडी: 5 साल की लॉक-इन अवधि के साथ सुरक्षित निवेश
  • लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी: बीमा सुरक्षा के साथ टैक्स बेनिफिट
  • बच्चों की ट्यूशन फीस: दो बच्चों की स्कूल फीस पर टैक्स डिडक्शन

NPS में निवेश से एक्स्ट्रा टैक्स सेविंग

  • सेक्शन 80CCD(1): बेसिक सैलरी (प्लस डीए) का 10% योगदान, अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक की छूट
  • सेक्शन 80CCD(1B): एक्स्ट्रा 50,000 रुपये के योगदान पर अतिरिक्त छूट
  • कॉर्पोरेट NPS: एम्प्लॉयर द्वारा योगदान करने पर अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट

हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट (सेक्शन 80D)

खुद, जीवनसाथी और बच्चों के लिए

  • 60 साल से कम उम्र वालों को 25,000 रुपये तक की छूट
  • 60 साल से ऊपर वालों को 50,000 रुपये तक की छूट

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माता-पिता के लिए

  • 60 साल से कम उम्र वालों के लिए 25,000 रुपये तक की छूट
  • 60 साल से अधिक उम्र वालों के लिए ₹50,000 तक की छूट

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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