Indian Stock Market 12 May 2026: मंगलवार की सुबह सेंसेक्स करीब 625-663 अंकों की गिरावट के साथ 75,352 पर आ गया, वहीं निफ्टी भी फिसलकर 23,656 के स्तर पर पहुंच गया. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह कच्चा तेल है, जिसकी कीमतें 105 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ता दिख रहा है, जिससे इन्वेस्टर्स में डर का माहौल है.
किन कंपनियों के शेयरों में मची है खलबली?
बाजार को नीचे खींचने में दिग्गज कंपनियों का बड़ा हाथ रहा. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 3% से ज्यादा की गिरावट देखी गई. इसके साथ ही इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे आईटी शेयरों में भी भारी बिकवाली हुई. बैंकिंग सेक्टर में भी दबाव रहा, जहां HDFC बैंक और ICICI बैंक जैसे बड़े नाम लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. दूसरी तरफ, ओएनजीसी (ONGC) और कोल इंडिया जैसे शेयरों में बढ़त दिखी, क्योंकि सरकार ने तेल उत्पादन पर रॉयल्टी की दरें घटा दी हैं.
आम आदमी की जेब और खर्च पर क्या होगा असर?
प्रधानमंत्री की ऑस्टेरिटी (Austerity) वाली अपील और बढ़ती महंगाई का असर बाजार के अलग-अलग सेक्टर पर साफ दिख रहा है. जानकारों का मानना है कि ज्वेलरी, ट्रैवल और होटल जैसे सेक्टर में कुछ समय के लिए सुस्ती आ सकती है क्योंकि लोग अब सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं. हालांकि, फार्मा और रोजमर्रा के सामान (FMCG) बनाने वाली कंपनियों पर इसका कम असर होगा क्योंकि इनकी मांग हमेशा बनी रहती है.
क्या अब बाजार में वापसी की उम्मीद है?
बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक नजर पश्चिम एशिया के हालात और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेगी. अगर ईरान का तनाव कम होता है, तो बाजार फिर से रफ्तार पकड़ सकता है. फिलहाल निफ्टी के लिए 23,800 का स्तर पार करना एक बड़ी चुनौती है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऑटोमोबाइल और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर पर नजर रखें, जहां भविष्य में सुधार की अच्छी संभावना दिख रही है.
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