फॉरेन इन्वेस्टर्स के लिए बड़ी राहत, भारत सरकार ने सरकारी बॉन्ड पर टैक्स किया माफ

Tax Exemption On G Sec India: फॉरेन इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए सरकार का बड़ा फैसला. सरकारी बॉन्ड (G-Sec) पर ब्याज और मुनाफे को टैक्स फ्री किया. जानिए क्या हैं इसके नियम.

Tax Exemption On G Sec India: भारत सरकार ने देश के सरकारी बॉन्ड मार्केट (Sovereign Debt Market) में फॉरेन इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) को सरकारी सिक्योरिटीज (G-Sec) से होने वाली ब्याज कमाई और कैपिटल गेंस (मुनाफे) पर टैक्स से पूरी छूट दे दी है. इसके लिए सरकार ‘आयकर (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ (Income-tax Amendment Ordinance) लेकर आई है, जिसे 5 जून 2026 को जारी किया गया. यह फैसला 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा.

सरकार यह नया नियम क्यों लेकर आई?

दरअसल, ग्लोबल तनाव और बदलती परिस्थितियों के कारण इस साल फॉरेन इन्वेस्टर्स भारतीय शेयर बाजार (Equities) से लगातार पैसे निकाल रहे हैं. साल 2026 में अब तक फॉरेन इन्वेस्टर्स ने करीब 2.6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल लिए हैं, जो कि साल 2025 की कुल निकासी (1.66 लाख करोड़ रुपये) से बहुत ज्यादा है. सिर्फ जून के पहले तीन दिनों में ही 34,000 करोड़ रुपये निकाल लिए गए, जिससे भारतीय रुपये पर दबाव बढ़ रहा था. इसी नुकसान की भरपाई करने और विदेशी फंड्स को आकर्षित करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है. 

इस फैसले का फायदा किसे मिलेगा?

यह टैक्स छूट मुख्य रूप से दो संस्थाओं को मिलेगी:

  1. फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs): इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 210(6)(a) के तहत आने वाले इन्वेस्टर्स
  2. बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स (BIS): इसे दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों का बैंक कहा जाता है. 

इसके तहत गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का मतलब ‘गवर्नमेंट सिक्योरिटीज एक्ट, 2006’ के नियम 2(f) के अनुसार तय होगा. 

छूट पाने की क्या शर्तें हैं?

टैक्स में छूट का यह फायदा सीधे नहीं मिलेगा. इसके लिए योग्य संस्थाओं को सरकार द्वारा तय किए गए एक खास फॉर्म में अपनी जरूरी जानकारियां और डॉक्युमेंट्स जमा करने होंगे. इस पूरी प्रकिया को ट्रांसपेरेंट रखने के लिए आयकर अधिनियम, 2025 की अनुसूची IV (Schedule IV) में दो नए एंट्रीज 13D और 13E जोड़े गए हैं. 

इस कदम से मार्केट पर क्या असर होगा?

चूंकि अभी संसद का सत्र नहीं चल रहा है, इसलिए सरकार ने अध्यादेश (Ordinance) का रास्ता चुना. इस फैसले से फॉरेन इन्वेस्टर्स को भारत के सरकारी बॉन्ड में इंवेस्ट करने पर ज्यादा पोस्ट-टैक्स रिटर्न (Tax काटने के बाद का मुनाफा) मिलेगा. इससे भारत के घरेलू बॉन्ड मार्केट को मजबूती मिलेगी और दुनिया भर के इन्वेस्टर्स के बीच भारतीय संप्रभु ऋण (Sovereign Debt) की साख और चमक बढ़ेगी. 

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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