Success Story : क्या आपने कभी सोचा है कि मोरक्को की तीखी हरिसा सॉस या इटली के असली पास्ता सॉस का स्वाद आपकी अपनी रसोई में कैसा होगा. मुंबई का स्टार्टअप ‘चिल्जो’ (Chilzo) इसी सोच को हकीकत में बदल रहा है. 2022 में शुरू हुई यह कंपनी अब भारतीय घरों में अंतरराष्ट्रीय जायके की नई पहचान बन गई है.
लॉकडाउन से मिला बिजनेस का आईडिया
इस स्टार्टअप की कहानी 2019 के कोरोना लॉकडाउन से शुरू होती है. देया शर्मा अमेरिका के फिलाडेल्फिया से पढ़कर भारत लौटी थीं. वहां काम करते हुए उन्हें दुनिया के कई देशों का खाना चखने और पारंपरिक रसोइयों से सीखने का मौका मिला था. भारत आने पर जब वे अपने परिवार के साथ थीं, तो उन्हें बाहर के दिलचस्प खाने की कमी खलने लगी.
देया और उनकी बहन ओजस्वी, जो उस समय इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही थीं, घर पर ही पास्ता सॉस बनाने के प्रयोग करने लगीं. शुरुआत में 15 बार कोशिशें नाकाम रहीं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अपनी मां हेमा शर्मा की मदद और यूट्यूब के जरिए उन्होंने परफेक्ट रेसिपी तैयार की. इसके बाद उन्होंने 200 सैंपल दोस्तों और पड़ोसियों को चखाए. जब प्रतिक्रिया शानदार मिली, तो उन्हें इस बिजनेस की अपार संभावनाओं का पता चला.
चुनौती और सीखने का सफर
देया, ओजस्वी और उनकी मां हेमा ने जब इस काम को एक औपचारिक रूप देने का सोचा, तो चुनौतियां बहुत थीं. उन्हें रिटेल, डिस्ट्रीब्यूशन, मार्जिन और स्टोर के कामकाज के बारे में कुछ भी नहीं पता था. देया कहती हैं कि वे नए बिजनेस के तौर-तरीकों को समझने के लिए इंडस्ट्री के जानकारों से मिलतीं और बाद में उन कठिन शब्दों का मतलब सर्च करती थीं.
आज ‘चिल्जो’ का अपना बड़ा सेटअप है और वहां 30 से ज्यादा लोग काम करते हैं. ये प्रोडक्ट अमेजन, बिगबास्केट और फ्लिपकार्ट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बिकते हैं. बाजार में मौजूद अन्य ब्रांड्स के मुकाबले ‘चिल्जो’ की सॉस काफी अलग है. देया बताती हैं कि वे किसी भी उत्पाद में पानी या चीनी का इस्तेमाल नहीं करतीं. इनके बनाने का तरीका भी वही है जो इटली या चीन के पारंपरिक रसोइये अपनाते हैं.
- इटैलियन सॉस: टमाटरों को धीमी आंच पर घंटों तक पकाया जाता है.
- शेजवान सॉस: इसमें असली सिचुआन मिर्च और ताजी अजवाइन (celery) का इस्तेमाल होता है.
- स्वास्थ्य के प्रति जागरूक: बिना चीनी और मिलावट के कारण ये सॉस डायबिटिक-फ्रेंडली भी हैं.
मां और बेटियों का अटूट बंधन
हेमा शर्मा के लिए यह बिजनेस सिर्फ मुनाफे का जरिया नहीं है, बल्कि यह मौका है अपनी दोनों बेटियों के साथ 24 घंटे साथ बिताने का. जो बेटियां अपनी पढ़ाई पूरी करके विदेश जाने की सोच रही थीं, वे आज भारत में ही अपने स्टार्टअप के जरिए लाखों लोगों को विदेशी स्वाद चखा रही हैं.
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