भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार, 24 अगस्त को हफ्ते की शुरुआत बढ़त के साथ की. ग्लोबल बाजारों से मिले अच्छे संकेत और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से निवेशकों का भरोसा थोड़ा मजबूत हुआ. सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 200 अंक से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी 24,300 के आसपास कारोबार करता दिखा.
सेंसेक्स 77,629.56 पर खुला, जबकि शुक्रवार को यह 77,540.83 पर बंद हुआ था. सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 77,774.29 पर था, यानी 233.46 अंक या 0.30% की बढ़त. वहीं, निफ्टी 24,285.05 पर खुला और करीब 24,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा था.
बाजार में तेजी की वजह क्या रही?
बाजार की तेजी के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी भी अहम वजह रही. सोमवार को ब्रेंट क्रूड करीब 93.07 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 85.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
हालांकि, बाजार की नजर अमेरिका की ओर से ईरान पर नए प्रतिबंधों के संभावित ऐलान पर भी है. इससे आगे तेल की कीमतों और ग्लोबल बाजारों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.
सभी व्यापक बाजार सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. हालांकि, ऑटो, फार्मा, FMCG, PSU Bank, हेल्थकेयर, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और सीमेंट जैसे कुछ सेक्टर दबाव में दिखे.
किन शेयरों में दिखी खरीदारी?
BSE पर इन्फोसिस, HCL टेक, टाटा स्टील, HDFC बैंक, टेक महिंद्रा, इंडिगो, TCS, कोटक बैंक, ICICI बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर और NTPC जैसे शेयरों में बढ़त रही.
वहीं एशियन पेंट्स, टाइटन, भारती एयरटेल, ट्रेंट और पावर ग्रिड दबाव में रहे.
NSE पर इन्फोसिस, हिंडाल्को, HCL टेक, विप्रो, SBI लाइफ, इंडिगो, ONGC और M&M शुरुआती कारोबार के प्रमुख गेनर्स में रहे. दूसरी ओर सिप्ला, ट्रेंट, टाइटन, BEL और बजाज फाइनेंस में कमजोरी दिखी.
निफ्टी 24,300 के ऊपर गया तो क्या होगा?
मार्केट एनालिस्ट विपिन दीक्षित के मुताबिक, शुरुआती तेजी को अभी मजबूत रिकवरी नहीं माना जा सकता. उनके अनुसार खरीदारों ने बाजार पर पूरी तरह पकड़ नहीं बनाई है और यह फिलहाल सावधानी वाली रिकवरी है.
निफ्टी के लिए 24,300 अहम स्तर है. अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो 24,400-24,500 की ओर बढ़ने की गुंजाइश बन सकती है. वहीं 24,200 तत्काल सपोर्ट है. इसके नीचे फिसलने पर फिर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है.
बाजार और बैंकिंग एक्सपर्ट अजय बग्गा ने ग्लोबल तनाव और टेक कंपनियों के नतीजों के बीच बाजार में सतर्क रहने की बात कही है. मंगलवार को भारतीय इंडेक्स फ्यूचर्स और ऑप्शंस की मंथली एक्सपायरी भी है. ऐसे में बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.
रुपये और कच्चे तेल का क्या असर पड़ेगा?
कोटक सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख अनिंद्य बनर्जी के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड करीब 94 डॉलर के स्तर के पास कारोबार कर रहा है और लगातार दूसरे हफ्ते करीब 6% की बढ़त दर्ज कर चुका है. अब बाजार की नजर अमेरिका के ईरान को लेकर उठाए जाने वाले अगले कदम पर है.
उन्होंने कहा कि अगर कच्चा तेल 90 डॉलर से ऊपर बना रहता है और इंपोर्टर्स की डॉलर मांग मजबूत रहती है, तो रुपये पर दबाव बना रह सकता है. उनके मुताबिक, निकट अवधि में रुपया 96.20 से 97.00 के दायरे में रह सकता है. हालांकि, RBI के पास रुपये में होने वाले उतार-चढ़ाव को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है.
इसलिए निवेशकों के लिए आज की तेजी को देखकर जल्दबाजी में फैसला लेना ठीक नहीं होगा. निफ्टी के 24,300 और 24,200 के स्तर, कच्चे तेल की कीमत और ईरान से जुड़ी खबरें बाजार की अगली दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं.
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