कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत को बंपर फायदा, पटरी पर लौटेगी देश की आर्थिक ग्रोथ: मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह

Sunil Shah Crude Oil Drop : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से भारतीय अर्थव्यवस्था को तगड़ा बूस्ट मिलने वाला है. जानिए मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने क्यों कहा कि भारत को होगा इससे सबसे बड़ा फायदा.

Sunil Shah Crude Oil Drop : पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में चल रहे तनाव के शांत होने की उम्मीदों के बीच सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार तेजी के साथ हफ्ते की शुरुआत की. दिग्गज बाजार विशेषज्ञ सुनील शाह के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई इस तेज गिरावट का सबसे बड़ा फायदा भारत को मिलने वाला है.

समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से बातचीत में सुनील शाह ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता की वजह से कच्चे तेल के दाम ठंडे पड़ गए हैं. अगर तेल की कीमतें इसी तरह पुराने स्तर पर लौट आती हैं और अगले कुछ महीनों तक स्थिर रहती हैं, तो कम ऊर्जा कीमतों का सबसे ज्यादा मुनाफा भारत को होगा. इससे हमारी आर्थिक विकास दर (Economic Growth) फिर से तेज रफ़्तार पकड़ लेगी और कंपनियों के मुनाफे को लेकर जो चिंता थी, वह भी पूरी तरह खत्म हो जाएगी.”

जैसा सोचा था, बाजार ने बिल्कुल वैसा ही किया

सुनील शाह ने बताया कि सोमवार को मार्केट इंडेक्स (सेंसेक्स और निफ्टी) की यह धमाकेदार शुरुआत उम्मीद के मुताबिक ही थी. उन्होंने कहा, “यह बिल्कुल तय था कि बाजार इस हफ्ते की शुरुआत बढ़त के साथ करेगा. वजह यह है कि वीकेंड (शनिवार-रविवार) के दौरान ऐसे संकेत मिले कि पश्चिम एशिया का संकट बहुत जल्द सुलझ सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति और दुनिया के अन्य बड़े नेताओं के बयानों से भी यह साफ दिख रहा है.” आपको बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी से ज्यादा की भारी गिरावट देखी गई और यह 99 डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गया.

तेल की कीमतें गिरने से भारत को क्यों मिलती है ताकत?

भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल विदेशों से आयात (Import) करता है. इसलिए कच्चे तेल के दाम सीधे हमारी अर्थव्यवस्था पर असर डालते हैं.

शाह ने समझाया की “भारतीय बाजार के लिए क्रूड ऑयल ही सबसे बड़ा रेफरेंस पॉइंट है. तेल जितना सस्ता होगा, हमारा बाजार उतना ही मजबूत होगा. सस्ती एनर्जी से देश में खपत (Consumption) बढ़ेगी, हमें भारी महंगाई से नहीं जूझना पड़ेगा और हमारी अर्थव्यवस्था उसी रफ़्तार से आगे बढ़ सकेगी जैसी भविष्यवाणी ईरान युद्ध शुरू होने से पहले की गई थी.”

विदेशी निवेशक (FIIs) भारत से पैसा क्यों निकाल रहे थे?

बाजार से विदेशी फंड के बाहर जाने पर शाह ने एक दिलचस्प बात बताई. उन्होंने कहा, “पिछले कुछ समय से पूरी दुनिया में एआई (Artificial Intelligence) का चलन बढ़ा है. चूंकि भारत में विशुद्ध रूप से सिर्फ AI पर काम करने वाली वैसी कंपनियां (Pure Play AI Companies) नहीं हैं, इसलिए विदेशी निवेशक भारत से पैसा निकालकर दक्षिण-पूर्वी एशिया (Southeast Asia) के उन देशों में लगा रहे थे जहाँ एआई का ज्यादा काम है.”

शाह का मानना है कि यह पैसों का ट्रांसफर बस कुछ समय के लिए है. जैसे ही भारतीय बाजार में शेयरों की कीमत (Valuations) आकर्षक हो जाएगी, यह विदेशी पूंजी भारत में दोबारा वापस लौट आएगी.

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर क्या बोले एक्सपर्ट?

हाल ही में देश में हुए पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफे पर बात करते हुए सुनील शाह ने कहा कि यह बढ़ोतरी होनी ही थी क्योंकि तेल कंपनियां घाटे में थीं. लेकिन उन्होंने एक राहत की बात भी जोड़ी, “ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी उम्मीद के मुताबिक थी, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम इसी तरह कम होते रहे, तो भारत में आगे कीमतें बढ़ाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी.”

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Published by: Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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