नए साल के तीसरे दिन शेयर बाजार धराशायी, सेंसेक्स ने लगाया 720.60 अंकों का गोता

Stock Market: शेयर बाजार के कारोबार के आखिर में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स में 18 कंपनियों के शेयर गिरे और 12 के शेयर तेजी के साथ बंद हुए. इसमें सबसे अधिक नुकसान जोमैटो को हुआ. एनएसई में 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक निफ्टी में 32 शेयर लाल निशान और 18 शेयर हरे निशान पर बंद हुए.

Stock Market: वैश्विक स्तर पर नकारात्मक रुख की वजह से नए साल के तीसरे दिन और कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार 3 जनवरी 2025 को घरेलू शेयर बाजार धराशायी हो गया. हालांकि, इससे पहले दो दिन शेयर बाजार में नए साल का जश्न मनाया गया और इसमें तेजी बनी रही. कारोबार के आखिर में बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 720.60 अंक या 0.90% का गोता लगाकर 79,223.11 अंक पर बंद हुआ. नेशनल स्टॉक एक्सेंचज (एनएसई) का निफ्टी 183.90 अंक या 0.76% फिसलकर 24,004.75 अंक पर पहुंच गया.

बीएसई में जोमैटो का शेयर 4.27% टूटा

शेयर बाजार के कारोबार के आखिर में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स में 18 कंपनियों के शेयर गिरे और 12 के शेयर तेजी के साथ बंद हुए. इसमें सबसे अधिक नुकसान जोमैटो को हुआ. इसका शेयर करीब 4.27 % टूटकर 272.70 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया. टाटा मोटर्स का शेयर सबसे अधिक मुनाफे में रहा. इसका शेयर 3.33% गिरकर 790.40 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ.

एनएसई में विप्रो को सबसे अधिक नुकसान

एनएसई में 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक निफ्टी में 32 शेयर लाल निशान और 18 शेयर हरे निशान पर बंद हुए. इसमें विप्रो का शेयर सबसे अधिक 2.83% नुकसान के साथ 295.20 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ. तेल कंपनी ओएनजीसी का शेयर सबसे अधिक 5.11% मुनाफे के साथ 258.65 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया.

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एशिया के दूसरे बाजारों में मिलाजुला रुख

एशिया के दूसरे बाजारों की बात करें, तो इनमें मिलाजुला रुख रहा. दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और हांगकांग के हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट गिर गया. जापान के निक्केई में कोई कारोबार नहीं हुआ. यूरोपीय बाजार में नरम रुख रहा और अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे. वैश्विक तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.32% गिरकर 75.69 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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