लाल निशान में डूबा शेयर बाजार, मिड-स्मॉल कैप भी फिसले

Stock Market: मंगलवार को शेयर बाजार में जमकर बिकवाली (Selling Out) हुई.ग्लोबल बाजारों से अच्छे संकेत नहीं मिले, विदेशी निवेशक लगातार पैसा निकालते रहे और टैरिफ को लेकर अनिश्चितता बनी रही.साथ ही रुपये की कमजोरी ने भी दबाव बढ़ाया.इन वजहों से निवेशक घबराए रहे और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए.

Stock Market: मंगलवार को शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई. सेंसेक्स 1065 अंक लुढ़क गया और 82,180 पर पहुंच गया. वहीं निफ्टी 353 अंक टूट गया और 25,250 के नीचे गिरकर 25,232 पर बंद हुआ. मार्केट की शुरुआत भी बहुत ही कमजोर स्थिति से हुई थी, जिससे पूरे दिन के लिए एक सावधानी का माहौल बना रहा. रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, ऑटो, आईटी, मेटल और फार्मा जैसे सेक्टर्स में दबाव दिखाई दिया. मिड और स्मॉल कैप शेयर्स का प्रदर्शन भी काफी कमजोर रहा.

प्रमुख इंडेक्स

इंडेक्सस्तरगिरावट% बदलाव
सेंसेक्स82,1811,066 ↓1.28%
निफ्टी25,232353 ↓1.38%
BSE मिड कैप44,828159 ↓2.52%
BSE स्मॉल कैप47,7191,344 ↓2.74%

निफ्टी टॉप गेनर

शेयरकरंट प्राइस (₹)बढ़त (₹)% चेंज
डॉ रेड्डी1,1725.40+0.46%
टाटा कंज्यूमर1,1833.30+0.28%
HDFC बैंक9302.60+0.28%

निफ्टी टॉप लूजर

शेयरकरंट प्राइस (₹)गिरावट (₹)% चेंज
अडाणी एंटरप्राइजेज2,05084.60-3.96%
बजाज फाइनेंस93137.70-3.89%
जियो फाइनेंस26510.25-3.72%
स्रोत: BSE / NSE

क्या विश्व में चल रहा है ऐसा ही?

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल फैक्टर्स का बाजार पर दबाव बना हुआ है. अमेरिका की टैरिफ नीति के बारे में अनिश्चितता है, यूएस और जापान में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से निवेशकों का विश्वास कमजोर हुआ है. रुपये की भी स्थिति खराब है और 90.90-91 प्रति डॉलर के आसपास फिसलता दिख रहा है. अमेरिका और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव और नए टैरिफ के खतरे से विश्व में इक्विटी मार्केट में डर का माहौल है. जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिख रहा है. इस बीच निवेशक जोखिम भरे निवेश से दूर हो रहे हैं और सोना-चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर झुक रहे हैं.

आगे क्या हो सकता है? मुश्किल समय के बाद भी कोई आशा?

टेक्निकल नजर से बाजार अभी बहुत कमजोर स्थिति में है. निफ्टी लगातार अपने सपोर्ट लेवल तोड़ते दिख रहा है और 25,100-25,150 का स्तर अब बहुत जरूरी माना जा रहा है. अगर यह लेवल संभाले जा सका तो थोड़ी रिकवरी संभव हो सकती है, लेकिन फिलहाल तो संकेत मंदी के ही हैं. आगे बाजार की दिशा तिमाही नतीजों, बजट से जुड़े संकेतों, अमेरिकी ब्याज दरों और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम पर निर्भर होगी. तब तक निवेशकों के लिए सावधानी बरतना ही बेहतर माना जा रहा है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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