SGB: सरकार बेच रही है सस्ता सोना, खरीदने का बना रहे मन तो पहले जानें कैसे होगा निवेश और क्या है नियम

Sovereign Gold Bonds 2023-24 Series III: निवेशक को इसमें पैसा लगाने से दोहरा फायदा मिलने वाला है, एक तो ब्याज की कमाई भी होगी और दूसरा जीएसटी भी बचेगा. साथ ही, इसमें निवेशकों को 2.5 प्रतिशत का ब्याज भी मिलता है.

Sovereign Gold Bonds 2023-24 Series III: सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि जारी है. आज भी 24 कैरेट दस ग्राम सोने की कीमत में 110 रुपये की वृद्धि हुई है. ऐसे आप भी अगर सोने में निवेश करने का मन बना रहे हैं तो आपके लिए बहुत अच्छा मौका है. भारत सरकार आपको सस्ता सोने में निवेश करने का मौका दे रही है. सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2023-24 सीरीज-3 निवेश के लिए 18-22 दिसंबर के लिए खुली रहेगी. सरकार के द्वारा इस गोल्ड बॉन्ड का इश्यू प्राइस 6,199 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है. निवेशक को इसमें पैसा लगाने से दोहरा फायदा मिलने वाला है, एक तो ब्याज की कमाई भी होगी और दूसरा जीएसटी भी बचेगा. साथ ही, इसमें निवेशकों को 2.5 प्रतिशत का ब्याज भी मिलता है. ब्याज की राशि सरकार के द्वारा हर छह महीने में निवेशक के बैंक खाता में सीधे भेज दिया जाता है. सरकार ऑनलाइन खरीद को बढ़ावा देने के लिए निवेश की रकम पर प्रतिग्राम 50 रुपये की छूट भी दे रही है.

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सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड निवेश की क्या है सीमा

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना 2023-24 सीरीज-3 में निवेश करने वालों के लिए सरकार के द्वारा कुछ नियम बनाये गए हैं. इसमें निवेश कम से कम एक ग्राम से निवेश करना शुरू कर सकता है. इसके लिए उसे 6,199 रुपये जमा करने होंगे. जबकि, एक वित्त वर्ष में अधिकतम चार किलो गोल्ड बॉन्ड खरीदा जा सकता है. साथ ही, एचयूएफ (हिंदू अविभाजित परिवार) के लिए चार किलोग्राम और न्यासों तथा समान संस्थाओं के लिए 20 किलोग्राम है. एसजीबी को अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (छोटे वित्त बैंकों, भुगतान बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को छोड़कर), भारतीय शेयर होल्डिंग निगम लिमिटेड (एसएचसीआईएल), भारतीय निपटान निगम लिमिटेड (सीसीआईएल), नामित डाकघरों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के माध्यम से बेचा जाएगा. आप चाहें तो अपने डीमैट खाते के माध्मय से इसमें निवेश कर सकते हैं.

सॉवरेन गोल्ड बांड (एसजीबी) क्या हैं?

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) सोने के ग्राम में अंकित सरकारी प्रतिभूतियां हैं. अगर आप फिजिकल गोल्ड में निवेश नहीं करना चाहते हैं या उसके हैंडलिंग की परेशानियों से बचना चाहते हैं तो सॉवरेन गोल्ड बांड में निवेश कर सकते हैं. निवेशकों को निर्गम मूल्य का भुगतान नकद में करना हेती है. भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए, ये बांड निवेशकों को यह सुनिश्चित करके सुरक्षा प्रदान करते हैं कि उन्हें भुनाने पर सोने का मौजूदा बाजार मूल्य प्राप्त हो. यह सुविधा आरंभ में निवेश की गई सोने की मात्रा के मूल्य की गारंटी देती है, जिससे एसजीबी भौतिक सोना रखने की तुलना में अधिक बेहतर विकल्प बन जाता है.

एसजीबी में कौन निवेश कर सकता है?

विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 के तहत भारत में निवासियों के रूप में वर्गीकृत व्यक्ति, जैसे कि व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), ट्रस्ट, विश्वविद्यालय और धर्मार्थ संस्थान, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (एसजीबी) में निवेश करने के लिए पात्र हैं. व्यक्तिगत निवेशकों के लिए जो आवासीय स्थिति में निवासी से अनिवासी में परिवर्तन से गुजरते हैं, उन्हें एसजीबी को उसके शीघ्र मोचन या परिपक्वता तक बनाए रखने की अनुमति है.

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

एसबीआई सिक्योरिटीज के मुख्य व्यवसाय अधिकारी सुरेश शुक्ला ने कहा कि स्थिर और उच्च रिटर्न का ऐतिहासिक ट्रैक रिकॉर्ड उन्हें दीर्घकालिक धन सृजन के लिए एक आकर्षक विकल्प के रूप में रखता है. आगामी एसजीबी एक आकर्षक निवेश अवसर प्रस्तुत करता है. चूंकि भारत सोने की खपत में वैश्विक नेता बना हुआ है, इसलिए ये बांड निवेशकों को भौतिक भंडारण की चुनौतियों के बिना, पोर्टफोलियो में विविधता लाने और सोने की कीमतों से जुड़ी पूंजी प्रशंसा से लाभ उठाने का एक अनूठा अवसर प्रदान करते हैं. MyWealthGrowth.com के सह-संस्थापक हर्षद चेतनवाला ने कहा कि समय के साथ, सोना रिटर्न उत्पन्न करेगा, जो संभवतः उचित तरीके से मुद्रास्फीति को हरा देगा. वर्तमान समय में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड सोने में निवेश करने का सबसे अच्छा तरीका है, अगर आप इसे परिपक्वता तक रखने का इरादा रखते हैं.

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