SIP Investment In Market Crash: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में उतार-चढ़ाव देखी गई है, जिससे निवेशक चिंतित है. ऐसे समय में आम निवेशक अक्सर घबराकर अपना निवेश निकाल लेते हैं. ये सोचकर की कहीं उनकी मेहनत की कमाई डूब न जाए. लेकिन जानकारों का मानना है कि यही वह समय है जब समझदारी आपको भविष्य में अमीर बना सकती है.
क्या गिरावट में SIP बंद कर देनी चाहिए?
सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर (CFP) श्वेता शास्त्री कहती हैं कि बाजार गिरने पर SIP रोकना सबसे बड़ी गलती है. जब बाजार नीचे गिरता है, तो आपकी उतनी ही किश्त में म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं. इसे रुपी कॉस्ट एवरेजिंग कहते हैं. जब बाजार वापस ऊपर आएगा, तो यही एक्स्ट्रा यूनिट्स आपकी कमाई को तेजी से बढ़ाएंगी. इसलिए घबराने के बजाय अपनी SIP जारी रखें.
कैसे काम करता है कमाई का चक्र?
बाजार में पैसा केवल निवेश करने से नहीं, बल्कि निवेशित रहने से बनता है. कंपाउंडिंग का जादू तभी चलता है जब आप अपने पैसे को लंबे समय तक छोड़ देते हैं. श्वेता शास्त्री के अनुसार, बाजार का उतार-चढ़ाव आपकी हिम्मत की परीक्षा लेता है, लेकिन जो टिके रहते हैं, उनका पोर्टफोलियो समय के साथ और मजबूत होता जाता है.
रिस्क से बचने के लिए क्या करें?
अगर बाजार की गिरावट से आपको बहुत ज्यादा तनाव होता है, तो इसका मतलब है कि आपने अपनी क्षमता से ज्यादा रिस्क ले लिया है.
- परिसंपत्ति आवंटन: अपना सारा पैसा सिर्फ एक जगह न लगाएं.
- विविधता: इक्विटी के साथ-साथ सोना (Gold) और डेट फंड्स में भी निवेश करें. सोना मुश्किल समय में आपके पोर्टफोलियो को सहारा देता है.
- इमरजेंसी फंड: निवेश करने से पहले हमेशा कुछ पैसा अलग रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आपको अपना निवेश घाटे में न बेचना पड़े.
