SIP से हर कोई नहीं कर सकता FIRE, करोड़ों कमाने के लिए अपनानी होगी ये खास स्ट्रैटेजी
SIP FIRE: सिर्फ एसआईपी से हर कोई करोड़पति बनकर जल्दी रिटायर नहीं हो सकता. फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस रिटायर अर्ली (फायर) के लिए खर्चों पर सख्त कंट्रोल, 50% से ज्यादा सेविंग रेट और लंबी अवधि का अनुशासित निवेश जरूरी है. एसआईपी कंपाउंडिंग की ताकत जरूर देता है, लेकिन बिना बजट, डिसिप्लिन और लाइफस्टाइल में बदलाव के फायर मुमकिन नहीं है.
SIP FIRE: सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी एसआईपी निवेश का सशक्त साधन होने के लिए काफी लोकप्रिय विकल्प है. लेकिन, अगर आप रिटायरमेंट से पहले इतना पैसा जमा कर लेना चाहते हैं कि आप 60 साल की उम्र से पहले ही रिटायरमेंट लेकर चैन की बंसी बजाएं. तब, इसके लिए आपको फायर करना होगा. फायर का मतलब फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस रिटायर अर्ली होता है. फायर कोई स्कीम नहीं, बल्कि एक फाइनेंशियल मूवमेंट है, जो पारंपरिक रिटायरमेंट की सोच को सीधी चुनौती देता है. इसका मकसद इतनी संपत्ति बनाना देना है कि नौकरी पर निर्भर रहे बिना 60 साल की उम्र से बहुत पहले जिंदगी आराम से चल सके. इस पूरे सफर में एसआईपी सबसे ताकतवर हथियार बनकर उभरता है.
फायर का असली मतलब क्या है?
एचडीएफसी लाइफ की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, फायर का सीधा अर्थ आर्थिक आजादी हासिल करना और फिर जल्दी रिटायर हो जाना है. जो लोग फायर का इस्तेमाल करते हैं, वे अपनी इनकम का बड़ा हिस्सा बचाते और निवेश करते हैं, ताकि भविष्य में पैसिव इनकम उनके खर्चों को कवर कर सके. इसका फायदा यह है कि आपको सिर्फ पैसे के लिए काम करने की मजबूरी नहीं रहती. आप ट्रैवल कर सकते हैं, हॉबीज फॉलो कर सकते हैं या अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं.
फायर फॉलो करने वाले कैसे जीते हैं?
एचडीएफसी लाइफ की रिपोर्ट के अनुसार, फायर लाइफस्टाइल के दिखावे से बिल्कुल उलट होती है. फायर का इस्तेमाल करने वाले लोग खर्चों को बारीकी से ट्रैक करते हैं. जरूरत और चाहत में फर्क समझते हैं. महंगे शौक से कहीं अधिक लॉन्ग-टर्म आजादी को तरजीह देते हैं. ऐसे लोग छोटे घर में रहते हैं, बाहर खाना नहीं खाते हैं और सिंपल लाइफ जीना पसंद करते हैं. इनका लक्ष्य एक ही होता है कि जितना हो सके उतना निवेश करें, ताकि जल्दी आजादी मिले.
एसआईपी क्यों है फायर का सबसे बड़ा हथियार?
एसआईपी फायर की रीढ़ है. एसआईपी की सबसे बड़ी ताकत डिसिप्लिन और कंपाउंडिंग है. हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश करके लंबे समय में बड़ा फंड बनाया जा सकता है. एसआईपी आपको बाजार के उतार-चढ़ाव से डरने नहीं देती और बिना टाइमिंग के भी वेल्थ क्रिएशन संभव बनाती है.
किसे लिए बना है फायर?
एचडीएफसी लाइफ की रिपोर्ट में कहा गया है कि फायर हर किसी के लिए नहीं है. यह खासतौर पर उनके लिए सही है, जिनकी इनकम अच्छी है. जिनके खर्च कंट्रोल में हैं. जो जल्दी संतोष कर लेते हैं. जो लॉन्ग-टर्म सोच रखते हैं और जिनकी रिस्क लेने की क्षमता ठीक-ठाक है. अगर आपकी सेविंग रेट 50% या उससे अधिक है, तो फायर आपके लिए सपना नहीं, प्लान बन सकता है.
फायर का रफ फॉर्मूला क्या है?
फायर का इस्तेमाल करने वाले लोग आमतौर पर सालाना इनकम का 50% से 70% तक सेव करते हैं. उनका यह सिलसिला तब तक चलता रहता है, जब तक सालाना खर्च का 25 से 30 गुना फंड नहीं बन जाता. उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सालाना इनकम 24 लाख और खर्च 10 लाख है, तो फायर के लिए आपको करीब 3 करोड़ रुपये चाहिए. अगर आप एसआईपी के जरिए इक्विटी में निवेश करते हैं, तो यह सफर काफी तेज हो सकता है.
बजट और खर्च कंट्रोल क्यों है सबसे जरूरी?
फायर का पहला कदम बजट बनाना है. जब तक आपको यह नहीं पता कि पैसा कहां जा रहा है, फायर मुमकिन नहीं है. इसका दूसरा बड़ा नियम खर्च कम करना है. फायर का मूल मंत्र कम खर्च, ज्यादा निवेश और जल्दी आजादी है.
निवेश कैसे चुनें?
आपका निवेश आपकी रिस्क प्रोफाइल पर निर्भर करता है. आपको एसआईपी के जरिए इक्विटी म्यूचुअल फंड में ताबड़तोड़ निवेश करने होंगे. रूढ़िवादी निवेशक आम तौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट, पेंशन प्लान और डेट फंड में निवेश करते हैं. लेकिन फायर के लिए लॉन्ग-टर्म इक्विटी निवेश लगभग जरूरी हो जाता है.
फायर की असली चाबी है डिसिप्लिन
फायर का रास्ता आसान नहीं है. इसमें धैर्य और अनुशासन के साथ तुरंत मिलने वाली खुशी छोड़नी पड़ती है. इसीलिए एसआईपी सबसे कारगर तरीका है, क्योंकि यह आपको बिना रुके निवेश करते रहने की आदत डाल देती है.
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एसआईपी से सबको फायर करना मुमकिन नहीं
अगर आप खर्च कंट्रोल कर सकते हैं, लंबे समय तक एसआईपी जारी रख सकते हैं और फाइनेंशियल डिसिप्लिन निभा सकते हैं, तब एसआईपी से फायर करना आपके लिए पूरी तरह संभव है. लेकिन, अगर आप आज की लाइफस्टाइल छोड़ने को तैयार नहीं हैं, तो फायर सिर्फ सपना ही रहेगा.
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