मल्टीपरपस बिल्डिंग के रूप में तब्दील हो जाएगा होटल 'द अशोक', 25 एकड़ जमीन को लीज पर देने की तैयारी में सरकार

पर्यटन मंत्रालय देश की राजधानी दिल्ली के दिल में करीब 25 एकड़ जमीन में फैले होटल द अशोक की बोली लगाने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहा है.

नई दिल्ली : देश की राजधानी दिल्ली के पॉश इलाकों में शुमार चाणक्यपुरी स्थित 65 साल पुराने होटल ‘द अशोक’ पर अब शॉपिंग मॉल और अपार्टमेंट का निर्माण कराया जाएगा. इसकी करीब 25 एकड़ से अधिक जमीन को 90 से 100 साल की लीज पर देने की केंद्र की मोदी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है. आने वाले दिनों में दिल्ली का विश्वविख्यात सरकारी होटल मल्टीपरपस बिल्डिंग में तब्दील हो जाएगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से खबर दी है कि पर्यटन मंत्रालय देश की राजधानी दिल्ली के दिल में करीब 25 एकड़ जमीन में फैले होटल द अशोक की बोली लगाने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर काम कर रहा है. पूरी प्रक्रिया को चालू वित्त वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है.

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अधिकारी ने कहा कि हमारा इरादा ‘द अशोक’ को एक प्रतिष्ठित इमारत में बदलना है, जिसमें मॉल और अन्य सुविधाओं के अलावा सर्विस अपार्टमेंट होंगे. जिस स्थान पर यह स्थित है, उसका लाभ उठाने की योजना है. उन्होंने कहा कि इसकी लीज 90 से 100 साल के लिए दी जा सकती है. चूंकि यह इमारत 25 एकड़ में फैली है और दूतावास क्षेत्र में है, इसलिए सर्विस अपार्टमेंट अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्तियों को आकर्षित कर सकते हैं.

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने ढांचागत परियोजनाओं के वित्त पोषण के लिए पुरानी संपत्तियों को बाजार पर चढ़ाने को लेकर राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनआईपी) की घोषणा की थी. इसके तहत भारतीय पर्यटन विकास निगम के ‘द अशोक’ और उसके समीप होटल सम्राट समेत आठ संपत्ति को बाजार पर चढ़ाने (लीज पर देना या किराये पर चढ़ाना) की योजना है.

अधिकारी ने कहा कि इस पहल के जरिए सरकार का इरादा संपत्ति की पूर्ण क्षमता का उपयोग करना और विभिन्न उपयोग वाली इमारतें तैयार करना है जैसा कि विदेशों में है. सरकार ने पिछले महीने एनआईपी की शुरुआत की है. इसके तहत सड़क परिवहन, रेलवे, बिजली, नागर विमानन, दूरंसचार समेत छह लाख करोड़ रुपये की संपत्ति को बाजार पर चढ़ाने की योजना है. हालांकि, इसके तहत संपत्ति पर मालिकाना हक सरकार का बना रहेगा.

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