Shark Tank India-4: 300 करोड़ की वैल्युएशन सुनकर चौंके शार्क्स, क्यों नहीं बनी फंडिंग डील ?

Shark Tank India-4: मुंबई के रवि कुमार और दिशा काठरानी द्वारा स्थापित Imagi Make स्टार्टअप बच्चों को खेल-खेल में भारत की जानकारी देता है. यह स्टार्टअप भारतीय खिलौनों के जरिए देश की कहानियां बताने पर केंद्रित है, जो अनोखी पहल है.

Shark Tank India-4: बच्चे खेल-खेल में बहुत कुछ सीखते हैं, लेकिन भारत के पारंपरिक खिलौनों की कहानी सीमित रहती है. इस कमी को पूरा करने का प्रयास किया है Imagi Make ने. इस स्टार्टअप की शुरुआत मुंबई के रहने वाले पति-पत्नी रवि कुमार और दिशा काठरानी ने की. उनका मिशन बच्चों को खेल-खेल में भारत के बारे में जागरूक करना है. इनका पेटेंटेड प्रोडक्ट भारत के साथ अमेरिका में भी बेचा जाता है.

कैसे हुई शुरुआत

2012 में Imagi Make ने अपने एक्टिविटी सेंटर और रिटेल स्टोर से शुरुआत की, जहां वे अपने खिलौने और गेम्स बेचते थे. हालांकि, कुछ माता-पिता ने कीमतों को लेकर चिंता जताई. इसके बाद कंपनी ने किफायती उत्पादों के जरिए अपनी पहुंच बढ़ाने की योजना बनाई.

199 रुपये से शुरू होती है कीमत

कंपनी ने सबसे पहले मुंबई और पुणे में अपने उत्पादों को बढ़ावा दिया और बाद में अमेजन और फ्लिपकार्ट पर ऑनलाइन बिक्री शुरू की. इनके उत्पादों की कीमत 199 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक है. इंडिया मैप पज़ल उनकी सबसे ज्यादा बिकने वाली प्रोडक्ट्स में से एक है.

अमेरिका में भी बड़ी मांग

कंपनी का 35% बिजनेस एक्सपोर्ट से आता है, जिसमें से 90% अमेरिका में होता है. अमेरिका में इनके उत्पादों की कीमत भारत की तुलना में ढाई गुना अधिक होती है. कंपनी के राजस्व का 35% ई-कॉमर्स से आता है, जबकि बाकी जनरल ट्रेड और क्विक कॉमर्स से. 2020-21 में कंपनी की सेल्स 13 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 56 करोड़ रुपये हो गई. इस साल कंपनी की सेल्स 90 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.

फंडिंग और वैल्यूएशन

कंपनी ने अब तक दो फंडिंग राउंड पूरे किए हैं. दूसरे राउंड में 105 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर 20 करोड़ रुपये जुटाए गए थे. कंपनी के संस्थापकों ने 300 करोड़ रुपये के वैल्यूएशन पर 0.5% इक्विटी के बदले 1.5 करोड़ रुपये की मांग की थी.

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Shark Tank में फंडिंग का ऑफर

शार्क टैंक इंडिया में विनीता सिंह ने 50 लाख रुपये के निवेश और 1 करोड़ रुपये के लोन का ऑफर दिया. वहीं रितेश ने 1.2% इक्विटी के बदले 1.5 करोड़ रुपये का ऑफर किया. हालांकि, फाउंडर्स ने इन दोनों प्रस्तावों को ठुकरा दिया. उनका कहना था कि दोनों ऑफर्स के बीच बड़ा अंतर था, जिसे नेगोशिएशन से पूरा करना संभव नहीं था. कंपनी में फिलहाल 350 कर्मचारी काम कर रहे हैं. 4000 से अधिक स्टोर्स और मजबूत ऑनलाइन उपस्थिति के साथ यह स्टार्टअप भारतीय खिलौनों को ग्लोबल पहचान दिलाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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