लॉकडाउन से सबसे बुरे दौर में फंसा सर्विस सेक्टर, अप्रैल में 5.4 अंक के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा PMI

देश में कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए बीते 25 मार्च से अनवरत जारी लॉकडाउन से सबसे अधिक सेवा क्षेत्र को नुकसान हुआ है. लॉकडाउन 1.0 और लॉकडाउन 2.0 के दौरान अप्रैल महीने में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गयीं.

मुंबई : देश में कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण की रोकथाम के लिए बीते 25 मार्च से अनवरत जारी लॉकडाउन से सबसे अधिक सेवा क्षेत्र को नुकसान हुआ है. लॉकडाउन 1.0 और लॉकडाउन 2.0 के दौरान अप्रैल महीने में सेवा क्षेत्र की गतिविधियां रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गयीं. एक मासिक सर्वेक्षण के अनुसार, देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान नागरिकों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध और कारोबारों के बंद रहने का असर सेवा क्षेत्र पर भी पड़ा और क्षेत्र की गतिविधियां लगभग ठहर गयीं.

Also Read: Coronavirus crisis : डिमांड में कमी की वजह से सर्विस सेक्टर की गतिविधियों में गिरावट दर्ज

‘आईएचएस मार्किट इंडिया सर्विसेस बिजनेस एक्टिविटी इंडेक्स’ (पीएमआई-सेवा) अप्रैल में 5.4 अंक पर रहा. यह मार्च के 49.3 अंक के मुकाबले ऐतिहासिक निचला स्तर है. यह दिसंबर 2005 में सर्वेक्षण की शुरुआत के बाद पहली बार सेवा क्षेत्र के सबसे बुरे दौर का संकेतक भी है. पीएमआई का 50 अंक से ऊपर होना गतिविधियों में विस्तार जबकि 50 अंक से नीचे रहना उनमें गिरावट को दिखाता है. विशेषज्ञों के अनुसार, देशव्यापी लॉकडाउन के चलते मांग में कमी रही. इससे कारोबार और उत्पादन ठप रहे और कारोबारी गतिविधियों में गिरावट दर्ज की गयी.

आईएचएस मार्किट से जुड़े अर्थशास्त्री जो हाएस ने कहा कि पीएमआई के मुख्य सूचकांक ‘कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स’ में भी 40 अंक से अधिक की गिरावट दर्ज की गयी है. यह इस बात को दर्शाता है कि लॉकडाउन की वजह से आर्थिक गतिविधियां लगभग ठहर गयीं. ‘कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स’ अप्रैल में गिरकर 7.2 अंक पर आ गया, जो मार्च में 50.6 अंक पर था. यह सर्वेक्षण के इतिहास में आर्थिक गतिविधियों में सबसे बड़ी गिरावट को दर्शाता है.

‘कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स’ को पीएमआई-सेवा और पीएमआई-विनिर्माण को मिलाकर तैयार किया जाता है. पुराने आंकड़ों से तुलना करने पर अप्रैल में देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर में सालाना आधार पर 15 फीसदी का संकुचन हुआ है. रोजगार के पक्ष पर सर्वेक्षण में कहा गया है कि कारोबारी जरूरतें घटने पर कुछ सेवा कंपनियों ने वर्ष की दूसरी तिमाही से छंटनी शुरू कर दी है. देश में 25 मार्च से लॉकडाउन है. दो बार इसकी अवधि बढ़ायी गयी और वर्तमान में इसका तीसरा चरण 17 मई को खत्म होगा. देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 49,000 के पार जा चुकी है, जबकि मरने वालों का आंकड़ा 1,694 हो चुका है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Published by: Prabhat Khabar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >