Share Market: शेयर बाजार उतार-चढ़ाव के बीच क्लोजिंग के वक्त सपाट, सेंसेक्स-निफ्टी दोनों हुए सुस्त

Share Market Closing: दोनों मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी बृहस्पतिवार को लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए. तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 5.43 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की नाममात्र गिरावट के साथ 66,017.81 अंक पर बंद हुआ.

Share Market Closing: ग्लोबल मार्केट से मिले सुस्त संकेतों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा. दोनों मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी बृहस्पतिवार को लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए. तीस शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 5.43 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की नाममात्र गिरावट के साथ 66,017.81 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 66,235.24 अंक तक गया जबकि नीचे में 65,980.50 अंक तक आया. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 9.85 अंक यानी 0.05 प्रतिशत फिसलकर 19,802 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स की कंपनियों में अल्ट्राटेक सीमेंट, लार्सन एंड टुब्रो, बजाज फाइनेंस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एनटीपीसी, इन्फोसिस, टाइटन और एशियन पेंट्स प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं. दूसरी तरफ लाभ में रहने वाले शेयरों में इंडसइंड बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, भारती एयरटेल, विप्रो, एचडीएफसी बैंक और टाटा स्टील शामिल हैं.

मिड कैप और स्मॉल कैप में दिखी लिवाली

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि मुख्य सूचकांकों में सीमित दायरे में गतिविधियां देखने को मिलीं. वास्तव में बाजार को निफ्टी के 19,800 के स्तर से ऊपर जाने के लिये नये संकेतकों का इंतजार है. हालांकि, अधिक शेयरों पर आधारित अन्य सूचकांकों (बीएसई स्मॉलकैप और मिडकैप) में स्थिति मजबूत है. ‘मिड कैप’ और ‘स्मॉल कैप’ सूचकांक में शामिल शेयरों में तेज लिवाली देखने को मिली. इसका कारण यह है कि हाल में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले ऐसे शेयरों को निवेशक तरजीह दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि बाजार में व्यापक स्तर पर जो सुधार है, उसका कारण कच्चे तेल के दाम में नरमी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में कमी है. एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग लाभ में रहे. यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में हल्की तेजी रही. अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त में रहे थे. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बुधवार को 306.56 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे. बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 92.47 अंक और निफ्टी 28.45 अंक की बढ़त में रहे थे.

Also Read: IRCTC Down Update: दो घंटे डाउन रहने के बाद शुरू हुई टिकट की बुकिंग, नेटिजन्स ने ‘X’ पर किया कंप्लेन

रुपया दो पैसे की गिरावट के साथ 83.34 प्रति डॉलर पर

विदेशी कोषों की सतत निकासी और स्थानीय बाजार के कमजोर रुख के बीच बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया दो पैसे फिसलकर 83.34 (अस्थायी) पर बंद हुआ. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट और अमेरिकी डॉलर के प्रमुख वैश्विक प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले कमजोर होने से रुपये की गिरावट सीमित रही. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपया 83.30 पर खुला. इसके बाद उसने 83.29 से 83.36 प्रति डॉलर के बीच कारोबार किया. अंत में यह 83.34 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से दो पैसे की गिरावट है. रुपया बुधवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 83.32 पर बंद हुआ था. इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.60 पर रहा. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.45 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80.77 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

(भाषा इनपुट के साथ)

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >