ट्रेडिंग में कौन जीत रहा है, शादीशुदा या कुंवारे? SEBI की रिपोर्ट ने सबको चौंकाया

SEBI Report: बाजार नियामक सेबी (SEBI) की ताज़ा स्टडी के अनुसार, इंट्राडे ट्रेडिंग में व्यक्तिगत जीवन के समीकरण बड़ा रोल निभा रहे हैं. वित्त वर्ष 2023 के आंकड़े बताते हैं कि शादीशुदा ट्रेडर्स और महिला निवेशकों का प्रदर्शन तुलनात्मक रूप से बेहतर रहा है.

SEBI Report: शेयर बाजार में इंट्राडे ट्रेडिंग को लेकर Securities and Exchange Board of India (SEBI) की एक नई स्टडी सामने आई है, जिसमें कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ मार्केट की समझ ही नहीं, बल्कि आपकी पर्सनल लाइफ जैसे शादीशुदा या सिंगल होना भी ट्रेडिंग के नतीजों पर असर डाल सकता है.

शादीशुदा बनाम सिंगल: कौन है आगे?

SEBI की स्टडी के मुताबिक, शादीशुदा लोग ट्रेडिंग में सिंगल लोगों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं. FY19, FY22 और FY23 के आंकड़ों में देखा गया कि शादीशुदा ट्रेडर्स में मुनाफा कमाने वालों की संख्या ज्यादा रही, जबकि घाटा उठाने वालों की संख्या कम थी. FY23 में जहां करीब 75% सिंगल ट्रेडर्स को नुकसान हुआ, वहीं शादीशुदा ट्रेडर्स में यह आंकड़ा 67% रहा. इतना ही नहीं, शादीशुदा लोग औसतन ज्यादा ट्रेड भी करते हैं, यानी वे मार्केट में ज्यादा एक्टिव रहते हैं.

महिला बनाम पुरुष: किसका प्रदर्शन बेहतर?

इस स्टडी में एक और दिलचस्प बात सामने आई कि महिला ट्रेडर्स, पुरुषों से बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं. हर साल महिलाओं में मुनाफा कमाने वालों का अनुपात ज्यादा रहा. FY23 में जिन पुरुष ट्रेडर्स का सालाना इंट्राडे टर्नओवर ₹1 करोड़ से ज्यादा था, उन्हें औसतन ₹38,570 का नुकसान हुआ, जबकि महिलाओं का औसत नुकसान ₹22,153 रहा. हालांकि, एक चिंता की बात ये है कि मार्केट में महिलाओं की भागीदारी कम हो रही है. FY19 में 20% से घटकर FY23 में 16% रह गई.

उम्र और अनुभव का भी बड़ा रोल

SEBI की रिपोर्ट में यह भी साफ हुआ कि उम्र और अनुभव का ट्रेडिंग में बड़ा असर होता है. कम उम्र के ट्रेडर्स ज्यादा नुकसान करते हैं, जबकि उम्र बढ़ने के साथ नुकसान का प्रतिशत कम होता जाता है. FY23 में 60 साल से ऊपर के ट्रेडर्स में सिर्फ 53% लोग घाटे में रहे, जबकि 20 साल से कम उम्र वालों में यह आंकड़ा 81% तक पहुंच गया. कुल मिलाकर, रिपोर्ट बताती है कि 2022-23 में 10 में से 7 इंट्राडे ट्रेडर्स को नुकसान हुआ. वहीं, इस दौरान इंट्राडे ट्रेडिंग करने वालों की संख्या में 300% से ज्यादा का उछाल भी देखा गया, जो यह दिखाता है कि लोग तेजी से इस ओर आकर्षित हो रहे हैं, लेकिन जोखिम भी उतना ही बड़ा है.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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